गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन में एमसीसी सिग्नेचर हाईट्स के विकासकर्ता निर्मल जैन और मनीष जैन को सोसायटी एओए को हस्तांतरित न करना महंगा पड़ा। जीडीए के अवर अभियंता इम्तेयाज अहमद खान ने दोनों के खिलाफ लोक सेवक के आदेश का पालन न करने समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस जल्द दोनों को बुलाकर उनके बयान दर्ज करेगी।
जीडीए के अवर अभियंता इम्तेयाज अहमद खान ने बताया कि राजनगर एक्सटेशन में एमसीसी सिग्नेचर हाईट्स सोसायटी का विकास मेसर्स अन्निका प्रमोटर्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक निर्मल जैन और मनीष जैन ने किया था। वह आकाश दीप बिल्डिंग 12 खंभा रोड, कनाॅट प्लेस दिल्ली में रहते हैं। विकास कर्ता को रखरखाव के लिए सोसायटी को एओए को हस्तांतरित करना था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसको लेकर जीडीए के सक्षम अधिकारियों की मौजूदगी में बैठक भी हुई। उनको इसके लिए कई बार नोटिस भी दिया गया। छह जनवरी 2026 को भी त्रिपक्षीय वार्ता हुई। इसमें बिल्डर को बुलाया गया, लेकिन उसने अपने प्रतिनिधि शुभम गोयल को भेज दिया। जबकि, वह बैठक में आने के लिए अधिकृत नहीं था। मांगने पर वह कोई अधिकृत प्रमाणपत्र भी नहीं दिखा पाया। इस बैठक में एओए के पदाधिकारी भी सम्मिलित हुए। उन्होंने भी अपनी समस्याओं के साथ अपना पक्ष रखा।
-प्रतिनिधि ने आईएफएमएस का फंड देने से किया मना :
अवर अभियंता ने दर्ज कराई रिपोर्ट में यह भी कहा है कि छह जनवरी को आयोजित हुई बैठक में बिल्डर के प्रतिनिधि शुभम गोयल ने एओए को आईएफएमएस का फंड हस्तांतरित करने से भी मना कर दिया। इसी हीलाहवाली की वजह से सोसायटी की फायर की एनओसी की अवधि भी समाप्त हो गई। इससे सोसायटी के रखरखाव समेत अन्य काेई कार्य नहीं हो पा रहा है। बिल्डर के इस कृत्य से निवासियों की जान को बड़ा खतरा उत्पन्न हो सकता है। उनको तमाम परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है। इसलिए मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इस बारे में एसीपी जियाउद्दीन ने बताया कि बिल्डर, एओए और निवासियों के बयान दर्ज किए जाएंगे। मामले मेें विधिवत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।