दिवाली के बाद से शहर के ऊपर छाया जहरीला स्मॉग आपकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक है। आप जरा सी सावधानी और जीवनशैली में छोटे-छोटे बदलावों से इसे कम कर सकते हैं।
घर के बाहर की बात करें तो एक छोटा सा कदम वाहनों से निकलने वाले धुएं को कम करके उठाया जा सकता है।
वाहनों से बड़ी मात्रा में नाइट्रोजन ऑक्साइड निकलता है, ऐसे में यदि निजी वाहनों से सफर के किलोमीटर को घटाने के अलावा कार पूलिंग, पैदल चलने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट को अपना लें तो स्मॉग कम किया जा सकता है।
ऑटोमोबाइल विशेषज्ञ हर्षित दुबे ने बताया कि इतना ही काफी नहीं है बल्कि वाहनों की सर्विसिंग भी बेहद जरूरी है, जिससे धुआं कम निकलेगा। इसके साथ ही सुबह और शाम ही ईंधन वाहनों में भरवाएं। इस दौरान ईंधन भरवाने से नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड सूर्य की रोशनी के संपर्क में नहीं आता है और ओजोन गैस नहीं बनती।
पेट्रोल टैंक को पूरा नहीं भरवाएं।अब बारी आती है घर के अंदर का ध्यान रख कर स्मॉग को कम करने की। इसके लिए आप वॉलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड युक्त उत्पादों का इस्तेमाल नहीं करके स्मॉग को कम कर सकते हैं। वर्तमान में घर में इस्तेमाल होने वाले कई उत्पादों में केमिकल का प्रयोग होता है, जो हमेशा घर के अंदर हवा में मौजूद रहते हैं।
घर में मौजूद ऐसे उत्पादों की एक लिस्ट बनाइए और इनका इस्तेमाल नहीं करें। वॉलेटाइल ऑर्गेनिक कंपाउंड युक्त उत्पादों में पेंट, फर्नीचर पॉलिश, थिनर, नेल पेंट, कीटनाशक, आफ्टर शेव लोशन, परफ्यूम, डियोड्रेंट, रूम फ्रेशनर, ग्लू, कॉस्मेटिक आदि नहीं रखने चाहिए।
पलमोनोलॉजिस्ट डा. केके पांडे ने बताया कि घर में ऐसा कोई भी उत्पाद रखना नहीं चाहिए, जो हवा में आसानी से घुल कर प्रदूषित करे। धुंध होने पर इनसे निकलने वाले केमिकल और गैस ऊपर नहीं उठ पाते हैं और सांस लेने में दिक्कत होती है।