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Ghaziabad News: कफ सिरप मामले की जांच करेगी एसआईटी, कंपनी को भेजा नोटिस

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गाजियाबाद। बंद हो चुकी कंपनी की फेंसीडिल और एसकफ सिरप को नमक, चूना, चावल और चिप्स के बीच छिपाकर बांग्लादेश तक तस्करी करने के मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाएगा। एडीसीपी अपराध पीयूष सिंह ने बताया कि मामला नंदग्राम थाने से क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर हो गया है।
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इस मामले में कई और पक्षों की जांच की जा रही है। बंद दवा कंपनी का 2024 में तैयार कफ सिरप गोदामों में कैसे छिपाया गया था, इस बारे में पता किया जा रहा है। साथ ही इसकी पूरी सप्लाई चेन की डिटेल निकाली जा रही है। दूसरी तरफ औषधि विभाग की तरफ से हिमाचल में क्राइम ब्रांच, नंदग्राम और सोनभद्र पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए फेंसीडिल कप सिरप की 1,57, 350 शीशियां पकड़ी थीं। इस मामले में गाजियाबाद केमिस्ट और ड्रगिस्ट एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष साैरव समेत 8 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।

पानीपत का एक बिल मिला

औषधि निरीक्षक आशुतोष मिश्र ने बताया कि इस मामले में जांच चल रही है। 7 सैंपल जांच के लिए गोरखपुर की लैब में भेजे गए हैं। वहां से रिपोर्ट आने के बाद कफ सिरप के बारे में सही जानकारी सामने आएगी। उन्होंने बताया कि बरामद कफ सिरप की एक्सपायरी फरवरी 2026 ही है। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश बद्दी में चल रही एबोट कंपनी को भी नोटिस भेजकर इस बारे में जानकारी मांगी जा रही है। इसके अलावा जांच में पानीपत का एक बिल मिला है। उसके बारे में अधिक जानकारी जुटाई जा रही है।
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जनपद में तीन साल में पकड़ी 12 करोड़ से अधिक की नकली और प्रतिबंधित दवा

यह पहला मामला नहीं है जब जनपद में नकली या नशे में प्रयोग होने वाली दवाओं की तस्करी पर कार्रवाई की गई हो। औषधि निरीक्षक ने बताया कि 2022 से 2025 के बीच 12 करोड़ 47 लाख 66 हजार रुपये की दवाओं को पकड़ा गया है। इसमें 30 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है। इस दाैरान 697 दवाओं के सैंपल को जांच के लिए भेजा गया है। इसमें 55 सैंपल 2025 में लैब गए हैं। 2024 और 2025 के बीच 28 वाद कोर्ट में दायर हुए हैं।

बांग्लादेश कनेक्शन की जांच तेज

एडीसीपी अपराध ने बताया कि इस मामले में इस 8 लोगों की गिरफ्तारी के बाद मेरठ के रहने वाले शुभम जायसवाल, आसिफ और वसीम की तलाश की जा रही है। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश सप्लाई के साथ-साथ दवा के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। बंद हुई कंपनी का भारी मात्रा में दवाओं को गोदाम में किस प्रकार से रखा गया है। इस पूरे नेटवर्क में कई बड़े लोगों के शामिल होने का अंदेशा है। एसआईटी के गठन के साथ इस नेटवर्क से जुड़े सभी सदस्यों पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि कोडिन युक्त दवा को बिना डाॅक्टर की सलाह के नहीं लिया जा सकता है। इसके बाद भी भारी मात्रा में अवैध रूप से इसकी सप्लाई के संबंध में सभी पहलुओं को चेक किया जा रहा है।

कोषाध्यक्ष को किया बर्खास्त

इस मामले में गाजियाबाद केमिस्ट और ड्रगिस्ट एसोसिएशन की तरफ से कोषाध्यक्ष साैरव त्यागी को तत्काल प्रभाव से पद से बर्खास्त कर दिया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजदेव त्यागी ने बताया कि कोडिन से जुड़ी दवाओं की जांच का दायरा बढ़ाने की जरूरत है। विभाग कंपनियों से डेटा लेकर इस पर कार्रवाई करे। साथ ही एसोसिएशन स्तर पर भी वह नजर रखेंगे।

पहले भी हुई कार्रवाई

25 फरवरी : ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र के इलाइचीपुर गांव स्थित खांसी के प्रतिबंधित कफ सिरप के गोदाम पर पुलिस और औषधि विभाग ने छापा मारा। इस दौरान गोदाम से पुलिस ने एक आरोपी गौतम सिंह निवासी बहराइच को गिरफ्तार किया। गौतम के दो साथी पुलिस के हाथ नहीं आए। पुलिस ने मौके से करीब 87 लाख की दवाई बरामद की। गोदाम से करीब 40926 कफ सिरप बरामद हुए हैं।

8 जून 2025 : नई बस्ती स्थित कृष्णा मेडिकोज पर निरीक्षण के दौरान टीम को कुछ संदिग्ध दवाइयां भी मिली हैं। इसके साथ ही 20 बोतल कोडिक स्टार की भी बरामदगी हुई।

दिसंबर 2024: मोदीनगर के गोविंदपुरी इलाके में एक गोदाम से नकली दवाओं का एक बड़ा जखीरा पकड़ा गया। जांच में पता चला कि इन दवाओं में फिनाइलब्यूटाजोन, पिरोसिकेम और डेक्सामेथासोन जैसे तत्व मिलाए जा रहे थे, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक हो सकते हैं।

मार्च 2024 : राजेंद्र नगर और भोपुरा औद्योगिक क्षेत्रों में नकली दवा बनाने वाली दो फैक्ट्रियों का पर्दाफाश हुआ था। छापे में करीब 1.10 करोड़ रुपये की नकली दवाएं, कच्चा माल और पैकिंग मशीनें जब्त की गईं।
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