ब्यूटी पार्लर में काम करती थी खुशी
सहायक पुलिस आयुक्त मसूरी लिपी नगायच ने बताया कि पुलिस को अस्पताल से मीमो आने पर जानकारी मिली कि बीती देर रात मिसलगढ़ी स्थित सांई लाली स्कूल के पास स्व. मुकेश कुमार का परिवार एम एस यादव के मकान में किराए पर रहते हैं। मुकेश कुमार के मरने के बाद परिवार को पालने की जिम्मेदारी मुकेश कुमार की पत्नी पर आ गई। मुकेश कुमार के तीन बच्चों में एक बेटा दीपक, बेटी कशिश व खुशी हैं। सबसे छोटी बेटी खुशी ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई करके ब्यूटी पार्लर का कोर्स करके आकाशनगर में एक ब्यूटी पार्लर में काम कर रही थी। खुशी की मां अपने पति की छह साल पूर्व मृत्यु के बाद लोगों के घरों में काम करके अपने बच्चों का पालन पोषण कर रही है।
चुनरी को फंदा बनाकर लटक गई
खुशी के एक रिश्तेदार ने बताया कि बीती रात तीनों भाई बहन अपनी मां के साथ छत पर सो रहे थे, मगर खुशी मोबाइल फोन चलाकर कुछ देख रही थी। तभी बड़े भाई दीपक ने खुशी को डांट दिया और मोबाइल फोन छीन लिया तो खुशी नीचे कमरे में चली गई। लगभग 11:30 बजे खुशी की बड़ी बहन कशिश पानी लेने नीचे आई तो उसने देखा कि कमरे का दरवाजा बंद है। उसने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया मगर दरवाजा नहीं खुला तो उसने अपनी मां व भाई को आवाज दी। तीनों ने मिलकर कमरे के दरवाजे को किसी तरह से खोला तो देखा कि खुशी ने चुनरी का फंदा बनाकर पंखे के हुक से लटककर आत्महत्या करने का प्रयास किया। तीनों ने मिलकर खुशी को हुक से नीचे उतारा और जिला संयुक्त अस्पताल में भर्ती कराया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर पुलिस अस्पताल पहुंची और खुशी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिया। खुशी का कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।