नोट बंदी: सरकारी विभागों की चांदी
गाजियाबाद। नोट बंदी क्या हुई कि सरकारी विभागों की निकल पड़ी। जहां लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है वहीं राजस्व में इजाफे से सरकारी विभागों की चांदी हो गई है। पुराने नोट स्वीकार किए जाने का फायदा सरकारी विभागों को मिला है।
पावर कारपोरेशन, नगर निगम, आरटीओ, वाणिज्य कर विभाग और बीएसएनएल ने खूब वसूली की। नौ नवंबर से 30 नवंबर तक इन विभागों की ओर से करीब 230 करोड़ रुपये का राजस्व वसूला गया है। आइए जानते हैं, इन विभागों में वसूली का हाल।
पावर कारपोरेशन के राजस्व में बंपर इजाफा
गाजियाबाद। नोटबंदी के बाद पावर कारपोरेशन के राजस्व में बंपर इजाफा हुआ है। गाजियाबाद जोन में शामिल गाजियाबाद, बुलंदशहर और हापुड़ में 10 नवंबर से लेकर अब तक राजस्व में 40 फीसदी की वृद्धि हुई है। कैश काउंटरों पर 30 नवंबर तक कलेक्शन का आंकड़ा 200 करोड़ तक पहुंच गया है।
गाजियाबाद क्षेत्र में 25 नवंबर तक 121 कैश काउंटरों पर 122 करोड़ का राजस्व वसूला गया। सर्किल फर्स्ट में 32.89 करोड़, सर्किल सेकेंड में 43.51 करोड़, रुरल में 22.48 करोड़ और लोनी में 25.15 करोड़ की वसूली हुई।
हापुड़ में 13.33 करोड़, बुलंदशहर सर्किल फर्स्ट में 15.29 करोड़ और सर्किल सेकेंड में 15.40 करोड़ राजस्व वसूला गया। सूत्रों के मुताबिक नोट बंदी के चलते लंबे समय से लंबित चल रहे बिजली बिलों का भी भुगतान हो गया।
कैश काउंटरों पर 500 व 1000 के पुराने नोट स्वीकार किए जाने के कारण लोगों ने बकाया बिल जमा कर दिया। एक दिन में सबसे ज्यादा राजस्व की वसूली 11 नवंबर को 52.16 करोड़ और पुराने नोट चलने की आखिरी तारीख 24 नवंबर को 21.54 करोड़ हुई।
नोटबंदी में बढ़ी नगर निगम की कमाई
गाजियाबाद। 1000-500 के नोट बंदी से लोग भले परेशान हो, लेकिन नगर निगम की चांदी हो गई। पुराने नोटबंदी के बावजूद नगर निगम में 24 नवंबर तक 1000 के नोट और 15 दिसंबर तक 500 के नोट स्वीकार किए जा रहे हैं।
ऐसे में पुराने नोटों को चलाने के लिए निगम के पुराने बकाएदार भी हाउस टैक्स जमा करा रहे हैं। एक नवंबर से 8 नवंबर तक जहां नगर निगम हाउस टैक्स के रूप में सिर्फ 2.66 करोड़ रुपये वसूल पाया था वहीं 9 नवंबर के बाद नगर निगम की झोली में खूब धन बरसा।
9 से 30 नवंबर तक निगम के पांचों जोन में 6.82 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा रकम उन दिनों में जमा हुई है जिस तारीख को केंद्र सरकार ने पुराने नोटों के चलन के लिए अंतिम तारीख बताई हुई थी।
15 नवंबर को नगर निगम के पांच जोन में 1.08 करोड़ रुपये गृहकर की मद में जमा किए गए हैं। 4.79 लाख रुपये जलकल के रूप में जमा हुए हैं। यानी 15 नवंबर को एक ही दिन में 1.13 करोड़ रुपये निगम की तिजोरी में जमा हुए।
इसके बाद 24 नवंबर को निगम के खाते में 74.77 लाख रुपये जमा हुए हैं। अपर नगर आयुक्त डीके सिन्हा ने बताया कि नोट बंदी के चलते कई ऐसे भवन मालिकों ने भी टैक्स जमा कराया है, जिन पर कई वर्षों से बकाया था।
9 से 24 नवंबर के बीच शनिवार और रविवार के अवकाश में भी टैक्स कलेक्शन किया है। उन्होंने बताया कि 15 दिसंबर तक हाउस टैक्स के जमा कराने वालों से 500 के नोट स्वीकार किए जाएंगे। हालांकि अब टैक्स कलेक्शन की रफ्तार थोड़ी धीमी हो गई है।
आरटीओ ने वसूला अधिक राजस्व
गाजियाबाद। नोट बंदी के बाद से सरकारी विभागों का खजाना खूब भर गया है। आरटीओ में अभी तक लगभग तीन करोड़ रुपये राजस्व के रूप में आ चुके हैं, इसमें बकाया धनराशि सबसे ज्यादा है।
एआरटीओ प्रशासन विश्वजीत सिंह ने बताया कि लोगों को पुराने नोट जमा करने की छूट मिली, जिसका फायदा मिला। जो वाहन स्वामी वर्षों से बकाया नहीं जमा करा रहे थे, उन्हें धनराशि जमा कराई।
पुराने नोटों से व्यापारियों ने जमा किया सेल्स टैक्स
वाणिज्य कर विभाग में भी लगभग 18 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। एडीशनल कमिश्नर एके गुप्ता ने बताया कि सरकार ने व्यापारियों को राहत देते हुए पुराने नोट पर ही अपना बकाया टैक्स जमा करने के निर्देश दिए थे।
बीएसएनएल ने 16 दिनों में की 1.03 करोड़ की रिकवरी
गाजियाबाद। दूर संचार विभाग में नौ नवंबर से 24 नवंबर के बीच बीएसएनएल उपभोक्ताओं ने एक करोड़ तीन लाख बकाए बिल का भुगतान किया। बीएसएनएल के प्रबंधक संजीव त्यागी ने बताया कि 24 नवंबर तक पुराने नोटों से बिल जमा किया गया।
इस दौरान गांव-गांव कैंप भी लगाए गए ताकि बिल संबंधी समस्याओं को दूर किया जा सके। इस बीच सबसे ज्यादा रिकवरी 24 नवंबर को हुई, जिस दिन पुराने नोट से बिल जमा करने का अंतिम मौका था। इस दिन 12 लाख 27 हजार की रिकवरी हुई।