माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। धनतेरस की पूर्व संध्या पर लोगों को जाम से दो-चार होना पड़ा। फुटपाथ पर सजीं दुकानों ने लोगों को काफी परेशान किया। कालकागढ़ी चौक से चौधरी मोड़ तक सफर तय करने में वाहनों को घंटों का समय लगा। शहर के हर बाजार में दोपहर से लेकर शाम तक खरीदारों की भीड़ लगी रही, लेकिन दुकानदारों ने अपनी दुकानों को और आगे बढ़ाते हुए सड़क तक अतिक्रमण कर दुकानों को सजा लिया है। वहीं, खरीदारी को आए ग्राहकों ने भी रही सही कसर को सड़क पर वाहनों को पार्क करके पूरी कर दी।
सड़क की दोनों लेनों पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। घंटाघर इलाके में लोगों को बाजार तक जाने में एक किलोमीटर से अधिक पैदल सफर करना पड़ा। जाम की चपेट में कई स्कूली वाहन और एंबुलेंस भी आ गए। जिससे मरीजों और बच्चों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भीड़ इतनी थी कि लोगों को पैदल गुजरना भी मुश्किल हो गया था। दुकानदारों की मनमानी ने लोगों की मुसीबत और बढ़ा दी। अतिक्रमण करते हुए दुकानदारों ने आधी सड़क को शो-केस में तब्दील कर दिया है। ऐसे में बाजार में जाम की स्थिति देर शाम तक बनी रही।
आंबेडकर रोड, जीटी रोड, घंटाघर और हापुड़ रोड तिराहा समेत अन्य सभी बाजारों का नजारा कुछ ऐसा ही रहा। इसके अलावा खरीदारी को आए लोगों ने सड़क पर ही वाहनों को पार्क कर दिया था। अतिक्रमण के कारण अस्थाई पार्किंग तक भी लोग वाहन लेकर नहीं जा पा रहे थे। सुगम यातायात के लिए लगाए गए पुलिसकर्मी मूकदर्शक बने रहे। ई- रिक्शा और ऑटो ने स्थिति को और विकराल बना दिया। जाम खुलवाने की जगह पुलिसकर्मी वाहन चालकों का चालान काटते नजर आए। लोग वाहन लेकर घंटों तक अपने गंतव्य को जाने के लिए जूझते दिखाई पड़े।
पुलिसकर्मियों की कमी बनी जाम की प्रमुख वजह
लोगों को जाम से निजात दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन पहले से ही दम भर रहा था लेकिन वाहनों के बढ़ते दबाव के कारण उनके सारे दावे हवाई साबित हुए। सड़क पर खड़े वाहनों को भी हटवाने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। वाहनों की पार्किंग के लिए बनाई गई अस्थाई पार्किंग भी लोगों को जाम से निजात नहीं दिला सकी।
एसीपी यातायात जियाउद्दीन ने बताया कि भीड़-भाड़ वाले इलाकों को चिह्नित किया गया है। दुकानदारों को अतिक्रमण के प्रति सचेत किया जा रहा है। वाहनों के लिए अस्थाई पार्किंग बनाई गई है। जिससे इतर वाहन खड़ा करने पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, सड़कों पर अतिक्रमण करने वालों को भी सचेत किया जा रहा। नहीं मानने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।