दिल्ली से वाया मेरठ होते हुए जम्मू, हिमाचल जाने वाली ट्रेनों के लिए रेलवे एक और वैकल्पिक रूट तैयार करेगा। रेलवे शाहदरा से वाया लोनी, बड़ौत, शामली होते हुए टपरी तक रेलवे लाइन को डबल कर इसका विद्युतीकरण करेगा।
151 किलोमीटर लंबे इस रूट पर रेल मंत्रालय 1500 करोड़ रुपये का बजट खर्च करेगा। वेस्ट यूपी के इस महत्वपूर्ण रेल रूट के लिए इस साल रेल बजट में फंड अलॉट कर दिया गया है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।
रेलवे की इस पहल को दिल्ली-मेरठ रूट का विकल्प तैयार करने की तैयारी माना जा रहा है तो दूसरी ओर यूपी में नजदीक आ चुके विधानसभा चुनाव के लिए जमीन तैयार करने की कवायद मानी जा रही है।
गाजियाबाद में शुक्रवार को रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा ने बताया कि इस रूट का सर्वे पूरा हो चुका है। वर्तमान वित्तीय वर्ष के रेल बजट में इस रूट के लिए 1500 करोड़ रुपये का फंड अलॉट किया गया है।
ट्रैक का दोहरीकरण और विद्युतीकरण के बाद इस रूट पर भी 100 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रेनें दौड़नी शुरू हो जाएंगी। यह रूट मेरठ सेक्शन के बाद दूसरा ऐसा रूट होगा जो दिल्ली को यूपी, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू कश्मीर से जोड़ेगा।
इस रूट पर 14 बड़े स्टेशन और 20 हाल्ट स्टेशन है। इस रूट के तैयार हो जाने से माल ढुलाई के लिए एक छोटा और वैकल्पिक मार्ग तैयार हो जाएगा। वहीं दिल्ली एरिया में रेलगाड़ियों का कंजेशन भी काफी हद तक कम हो जाएगा। उन्होंने बताया कि इस मार्ग के दोहरीकरण और विद्युतीकरण का काम भी जल्द शुरू हो जाएगा।
इस रूट पर प्रमुख स्टेशन
शाहदरा, नोली, खेकड़ा, बागपत रोड, बड़ौत, कासिमपुर खेड़ी, कांधला, शामली, हिंद, थाना भवन, ननौता, रामपुर-मनिहारन, मनानी, टपरी।