सीवर और वाटर कनेक्शन के लिए अब लोगों को जेब ढीली नहीं करनी पड़ेगी। कनेक्शन भले पब्लिक लेगी, लेकिन इसका पैसा सरकार चुकाएगी। पहली बार सरकार की ओर से सीवर और वाटर कनेक्शन के लिए करोड़ों का फंड जारी किया जाएगा।
सीवर के लिए गाजियाबाद को 35 करोड़ और वाटर कनेक्शन के लिए 32 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। दोनों योजनाएं तैयार कर जल निगम ने सरकार को भेज दी हैं। अब वित्त व्यय समिति से सहमति मिलने के बाद पैसा जारी होगा।
दरअसल, केंद्र सरकार की मंशा शहरों के 100 फीसदी घरों को सीवर और वाटर लाइन से जोड़ना है। अमृत योजना के तहत केंद्र सरकार ने शहरों को फंड जारी करने की प्लानिंग की है। जल निगम इन दोनों योजनाओं के लिए नोडल विभाग बनाया गया है।
अधिकारियों के मुताबिक सबसे पहले गाजियाबाद के उन क्षेत्रों में सीवर और वाटर कनेक्शन लोगों को दिए जाएंगे, जहां पहले से सीवर और पानी की लाइनें बिछी हैं। दूसरे चरण में नई योजनाओं वाले क्षेत्रों को शामिल किया जाएगा।
इस योजना के तहत लोगों को कनेक्शन लेने में जो शुल्क नगर निगम में एकमुश्त जमा करना होता था वह अब नहीं देना होगा। उसका भुगतान जल निगम केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड से नगर निगम को करेगा।
ऐसे लागू होगी योजना
नगर निगम का जलकल विभाग कालोनियों में सर्वे कर ऐसे मकानों को चिह्नित करेगा जो अभी सीवर और वाटर लाइन के नेटवर्क से नहीं जुडे़ हैं, लेकिन उन क्षेत्र में लाइनें मौजूद हैं। यह सूची तैयार कर जल निगम को सौंपी जाएगी। जल निगम प्राइवेट फर्म के जरिए उन मकानों में कनेक्शन कराएगा। लाभार्थियों को पैसा नहीं देना होगा।
गाजियाबाद में सीवर कनेक्शन के लिए 35 करोड़ और वाटर कनेक्शन के लिए 32 करोड़ का फंड मिलना है। यह फंड किस्तों में मिलेगा। व्यय वित्त समिति से स्वीकृति के बाद पहली किस्त जल्द ही जारी होने वाली है। - पीके अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, जल निगम