गाजियाबाद। ऊर्जा निगम के गाजियाबाद में तैनात अधीक्षण अभियंता मुनेंद्र कुमार पर निलंबन की कार्रवाई हो जाने के बाद और भी अधिकारी विभागीय जांच के घेरे में आ सकते हैं। इस मामले में कार्रवाई का आधार बनी ऑडियो क्लिप में मुनेंद्र कह रहे हैं कि उन्हें विभाग के उच्च अधिकारियों को भी उनका हिस्सा देना है। जांच में यह तो साफ हो ही चुका है कि मुनेंद्र 15 लाख का भुगतान होते ही ठेकेदार सूर्य प्रताप से कमीशन मांगने लगे थे।
गाजियाबाद निवासी ठेकेदार सूर्य प्रताप ने शिकायती पत्र में बताया है कि मुनेंद्र और भी ठेकेदारों से कमीशन वसूली करते हैं। उनसे भी कमीशन मांगा गया। उन्होंने मना कर दिया। आरोप है कि इसके बाद मुनेंद्र धमकी देने पर उतर आए। उन्होंने कहा, तुम्हारे जो काम चल रहे हैं, उनमें कमी निकालकर पेनल्टी लगा देंगे और विभाग के ब्लैक लिस्ट करा देंगे।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम की प्रबंध निदेशक ईशा दुहन को दिए पत्र में सूर्यप्रताप ने बताया है कि एसई की धमकी से वह तनाव में आ गए। इसके बाद ही उन्होंने पूरे मामले की शिकायत करने का निर्णय लिया। एसई ने कमीशन की बातें फोन पर भी की थीं। ये रिकाॅर्ड हो गई थीं। इस रिकार्डिंग को शिकायती पत्र के साथ दे दिया। इस पर एमडी ने जांच कराई। जांच रिपोर्ट के बाद शनिवार को मुनेंद्र को निलंबित कर दिया। अब पूरे मामले की विभागीय जांच होगी।
मुझे भी ऊपर हिसाब करना है
ऑडियो रिकार्डिंग में एसई मुनेंद्र ठेकेदार सूर्यप्रताप से कह रहे हैं कि जनवरी फरवरी में तुम्हारे आठ पेमेंट हुए हैं। आपका बड़ा भुगतान मैंने करा दिया है। मैंने आपको अच्छा काम दिया, अच्छे रेट में दिया और पेमेंट कराया। मैं नहीं जानता कि आपको बचत हो रही है या नहीं। अब साफ बताओ को तुम्हें कुछ देना है या नहीं। हां या न में जवाब दो। लटकाओ नहीं। अगर नहीं करना है को मना कर दो। मैं इसका इंतजार नहीं करूंगा कि पूरा पेमेंट हो जाएगा तब सोचूंगा, तब देखूंगा। मुझे भी ऊपर हिसाब करना है। लंबी लिस्ट है।
संपत्ति की जांच की मांग
ठेकेदार सूर्य प्रताप ने इस मामले में मुनेंद्र की संपत्ति की जांच कराने की मांग भी की है। शिकायती पत्र में बताया गया है कि मुनेंद्र के पास अकूत संपत्ति है। देखना है कि संपत्ति की जांच के आदेश दिए जाते हैं या नहीं। ऐसे मामलों की जांच विजिलेंस से कराई जाती है। मेरठ विजिलेंस के पास कई अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच पहले से चल रही है।
जेई पर भी गिर चुकी गाज
गाजियाबाद में ऊर्जा निगम के अफसरों पर लगातार कार्रवाई हो रही है। एसई से पहले जेई नवदीप को निलंबित किया गया था। यह कार्रवाई विक्रम एंक्लेव में तीन ट्रांसफार्मर फुंक जाने पर की गई थी। इस क्षेत्र में बिल वसूली भी बहुत कम की जा रही थी।