रियल एस्टेट रेग्युलरटी अथॉरिटी बिल
- फोटो : file photo
एक मई से सरकार द्वारा रियल एस्टेट बिल को लागू कर दिया गया है। इससे टीएचए की आरडब्ल्यूए में खुशी है। उनका कहना है कि बिल लागू होने से बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगेगी और लोगों के आशियाना खरीदने में आसानी होगी।
फेडरेशन ऑफ एओए के संरक्षक आलोक कुमार ने खुशी जताते हुए कहा है कि कानून लागू होने के बाद खरीददारों को काफी सहूलियत होगी। इसके साथ ही यह कानून उसके सभी अधिकारों को सुरक्षा देगा।
वहीं कंसोर्टियम ऑफ गाजियाबाद के अध्यक्ष शरत झा ने बताया कि नए कानून के तहत अब खरीदार बिल्डर की मनमानी के खिलाफ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। कानून लागू होने से हाउसिंग प्रोजेक्ट्स में पारदर्शिता बढ़ेगी। यह आशियाना खरीदारों के लिए राहत की खबर है। साथ ही बिल्डरों पर मनमानी को लेकर नकेल कसी जा सकेगी।
बायर्स एसोसिएशन का होगा गठन
एओए के संरक्षक आलोक कुमार ने बताया कि नए कानून के तहत किसी भी अपार्टमेंट में 30 प्रतिशत फ्लैट की बुकिंग होने पर बिल्डर को बायर्स एसोसिएशन बनाना होगा। जो प्रोजेक्ट पर नजर रख सकेंगे। प्रोजेक्ट में कोई भी गड़बड़ी होने पर बायर्स एक जुट होकर समस्या का समाधान करा सकेंगे।
उधर फेडरेशन ऑफ एओए के पदाधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट पूरा होने और बायर्स को पजेशन देने के पांच साल बाद तक अगर स्ट्रक्चर में कोई डिफेक्ट आता है तो उसकी जिम्मेदारी बिल्डर्स की होगी। वायदा पूरा न करने या फिर धोखाधड़ी करने पर बिल्डर को 3 साल तक जेल हो सकती है।
साथ ही डेवलपर को अपने प्रोजेक्ट का सारा ब्योरा,प्लान, लेआउट संबंधी अथॉरिटी की वेबसाइट पर देना होगा।