लोगों का कहना है कि एक व्यक्ति सबसे नीचे वाली मंजिल पर था और पुलिस-प्रशासन व एनडीआरएफ टीम उसकी तलाश में मलबे को हटाया जा रहा है। घटना की सूचना पर पुलिस,एनडीआरएफ, अग्निशमन विभाग और नगर पालिका टीम पहुंची। राहतकर्मियों ने बुल्डोजर और लोगों की मदद से अजीत और जतिन को मलबे से बाहर निकाला। जबकि मुकेश को चार घंटे की मशक्कत के बाद रात करीब आठ बजे मलबे से निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर चिकित्सकों ने मुकेश को मृत घोषित कर दिया। मुकेश तीन साल से दुकान पर काम कर रहा था और चचेरे भाई अखिलेश के साथ कमरे पर रहता था।
क्षमता से अधिक रखा था दुकानों में सामान
आसपास के लोगों ने दुकान में निर्माण और सामान रखने के तरीके पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि तीनों तल हार्डवेयर के भारी सामान से भरे हुए थे। छत लोहे के गर्डर और पत्थर से बनी थीं। इन पर क्षमता से अधिक सामान रखा गया था। दूसरे तल की छत पर पानी की टंकी के अलावा निर्माण सामग्री भी रखी थी। इससे आशंका है कि अधिक भार होने के कारण छत गिरी थी।
क्या कहते हैं अधिकारी
घटना की जानकारी मिलते ही लोनी एसडीएम दीपक कुमार, नायाब तहसीलदार रति गुप्ता, एसीपी अंकुर विहार अमरदीप मौर्या और लोनी एसीपी राम किशन मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि मुकेश की मौत हो गई है। जबकि दो श्रमिकों को बचा लिया गया है। अभी एक श्रमिक के दबे होने की सूचना है। उसकी तलाश में टीमें जुटी हैं।