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गाजियाबाद: छह महीने से रास्ता टूटा, तख्तों पर टिकी जिंदगी, बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक उठा रहे जान का जोखिम

Sun, 04 Oct 2026 07:28 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

एक तरफ गहरा नाला और दूसरी तरफ उस पर रखे कुछ तख्ते...यही शहीद नगर के लोगों का पिछले छह महीने से रास्ता बना हुआ है। जर्जर पुलिया को नाले के पक्के निर्माण के लिए तोड़ दिया गया, लेकिन नई पुलिया बनाने का काम अब तक शुरू नहीं हो सका। 
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नाराज लोगों ने किया प्रदर्शन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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एक तरफ गहरा नाला और दूसरी तरफ उस पर रखे कुछ तख्ते...यही शहीद नगर के लोगों का पिछले छह महीने से रास्ता बना हुआ है। जर्जर पुलिया को नाले के पक्के निर्माण के लिए तोड़ दिया गया, लेकिन नई पुलिया बनाने का काम अब तक शुरू नहीं हो सका। ऐसे में स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही लकड़ी के तख्तों पर सिमट गई है। रविवार को लंबे समय से परेशानी झेल रहे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने नगर निगम के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की और जल्द पुलिया निर्माण कराने की मांग की।

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पुलिया टूटने के बाद लोगों के आवागमन के लिए नाले पर तख्ते रख दिए गए हैं। रास्ता इतना संकरा है कि एक समय में एक ही व्यक्ति गुजर सकता है। तख्तों पर चलते समय जरा सा संतुलन बिगड़ने पर नाले में गिरने का खतरा रहता है। इसके बावजूद लोगों के पास दूसरा रास्ता नहीं है। सुबह स्कूल जाने वाले बच्चों और काम पर निकलने वाले लोगों की भीड़ इसी अस्थायी रास्ते से गुजरती है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने बताया कि छह महीने पहले पुलिया तोड़ते समय उन्हें जल्द नई पुलिया बनाने का भरोसा दिया गया था। समय बीतता गया, लेकिन निर्माण शुरू नहीं हुआ। भाजपा नेता गुरदास पाल ने कहा कि पुलिया टूटने के बाद से क्षेत्र का आवागमन प्रभावित है। 
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लोगों की सुरक्षा को देखते हुए जल्द स्थायी रास्ता तैयार कराया जाना चाहिए। रविंद्र राजपूत ने बताया कि स्कूली बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को तख्तों से नाला पार करने में सबसे ज्यादा परेशानी होती है। स्थानीय निवासी इंद्रजीत पाल ने बताया कि पुलिया निर्माण को लेकर करीब पांच महीने से लगातार नगर निगम में शिकायत की जा रही है। अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को समस्या से अवगत कराने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रविवार को प्रदर्शन के दौरान लोगों ने नगर निगम, अवर अभियंता और ठेकेदार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान लोगों ने नगर निगम के अवर अभियंता विनोद और ठेकेदार पर मिलीभगत से काम देरी से करने का आरोप लगाया। लोगों ने कहा कि छह महीने से चल रही यह अस्थायी व्यवस्था अब हादसे का इंतजार करती दिखाई दे रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द निर्माण शुरू नहीं हुआ तो आंदोलन तेज किया जाएगा।

बिजली विभाग के खुले में रखे ट्रांसफार्मर से भी हादसे का खतरा
प्रदर्शन में शामिल गुड्डू ने बताया कि यहां नाले के पास ही खुले में ट्रांसफार्मर रखा हुआ है। इसके चलते ना सिर्फ आए दिन हादसे का खतरा बना रहता है। बल्कि कई बार यहां पर हादसे भी हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अभी कुछ दिन पहले ही यहां पर फॉल्ट होने के चलते आग लग गई थी। इससे लोगों में काफी दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय निवासियों का कहना है कि ठेकेदार की ओर से एक माह पहले ही ट्रांसफार्मर रखने के लिए स्लिप तैयार करने का काम कर दिया गया था। लेकिन उसके बाद भी विभाग की ओर से ट्रांसफार्मर को शिफ्ट करने का काम नहीं किया जा रहा है।
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मामले को संज्ञान में ले लिया गया है, ठेकेदार की लापरवाही के चलते काम में देरी हुई है। ठेकेदार को काम जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।-मुख्य अभियंता, निर्माण विभाग, एनके चौधरी

टीम को भेजकर सर्वे कराया जाएगा, समस्या होने पर जल्द से जल्द समाधान करेंगे- जोन तीन मुख्य अभियंता, बृजेश कुमार

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