यूपी की कायाकल्प के लिए वेस्ट यूपी का योगदान टॉप पर है। उद्योगों की टॉप-10 सूची में अकेले वेस्ट यूपी के ही सात जिले शामिल हैं। खास बात यह है कि मेरठ मंडल के तीन जिले इस सूची में शामिल हैं। बरेली इस सूची में पहले और गाजियाबाद दसवें नंबर पर है। केंद्र सरकार द्वारा जारी 2012-13 की आर्थिक गणना की सर्वे रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है।
जिला सांख्यिकी अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि प्रत्येक पांच वर्षों में भारत सरकार आर्थिक गणना की रिपोर्ट प्रकाशित करती है। पांचवीं आर्थिक गणना वर्ष 2012-2013 की आर्थिक सर्वे रिपोर्ट अब जारी हुई है। उद्योगों की संख्या के आधार पर की गई आर्थिक गणना में गाजियाबाद दसवें स्थान पर है।
खास बात यह है कि प्रदेश के टॉप टेन जिलों में मेरठ मंडल के तीन जनपद शामिल हैं। सबसे ज्यादा और सबसे कम वृद्धि करने में भी मेरठ मंडल के ही दो जनपद शामिल हैं। सबसे ज्यादा उद्योगों का विकास जहां बुलंदशहर में हुआ है, वहीं सबसे कम विकास बागपत में हुआ है।
यूपी में सर्वाधिक उद्यम वाले 10 जनपद
जनपद उद्योगों की संख्या
बरेली 262040
बुलंदशहर 260190
मेरठ 251071
मुरादाबाद 242341
लखनऊ 231905
अलीगढ़ 226023
इलाहाबाद 223591
आगरा 218583
बदायूं 217243
गाजियाबाद 201623
बुलंदशहर में बढ़ा सबसे ज्यादा बिजनेस
पांचवीं आर्थिक गणना में पिछले गणना के मुकाबले जिन जिलों में सबसे ज्यादा बिजनेस बढ़ा, उनमें बुलंदशहर अव्वल है। इसके साथ ही इटावा, ज्योतिबा फूलेनगर, बरेली, कांशीराम नगर, मुरादाबाद, आगरा, मैनपुरी, संत कबीर नगर और कौशांबी भी शामिल है।
कभी कहलाता था औद्योगिक जिला, अब क्राइम कैपिटल
करीब तीन दशक पहले तक गाजियाबाद की पहचान औद्योगिक जिले के रूप में होती थी। मशीनरी उद्योग और डीजल इंजन के मामले में गाजियाबाद की पहचान देश भर में थी। खुद प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू भी गाजियाबाद में बने पहले डीजल इंजन को देखने आए थे।
90 के दशक के बाद गाजियाबाद में उद्योगों का पलायन तेजी से हुआ। इसके लिए कभी सरकारी नीतियां तो कभी लगातार बढ़ता क्राइम ग्राफ जिम्मेदार रहा। इसी कारण गाजियाबाद को ‘क्राइम कैपिटल’ के नाम से जाना जाता है।