ग्राहकों को अपनी ओर खींचने में नाकाम रही आवास विकास परिषद की मंडोला विहार योजना को अब ‘स्मार्ट सिटी’ का सपना दिखाकर बेचने की प्लानिंग की जा रही है। आविप अपनी करीब साढ़े तीन हजार एकड़ की मंडोला योजना को स्मार्ट सिटी प्रपोजल (एससीपी) में शामिल कराने के लिए प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही नगर निगम को भेजेगा।
हालांकि निगम अधिकारी इस योजना को एससीपी में शामिल किए जाने की संभावना से इनकार कर चुके हैं।दरअसल, दिल्ली-सहारनपुर स्टेट हाईवे किनारे बसाई जा रही आविप की इस आवासीय योजना को ग्राहक नहीं मिल रहे। पब्लिक ट्रांसपोर्ट, सुरक्षा और सुविधाओं के अभाव वाले इस क्षेत्र में लोग घर खरीदने से कतरा रहे हैं।
ऐसे में आवास विकास परिषद के अफसरों को लग रहा है कि स्मार्ट सिटी प्रपोजल में यह क्षेत्र शामिल हो जाए तो उनकी आवासीय योजना को ग्राहक मिल सकते हैं। आवास आयुक्त आरपी सिंह ने बताया कि योजना का लेआउट दुबई के हाफिज कांट्रेक्टर से तैयार करवाया गया है।
इस योजना में मल्टीलेवल पार्किंग, मिनी स्टेडियम, थीम बेस्ड पार्क, मल्टीस्टोरी मॉल और अन्य सुविधाएं प्रस्तावित हैं। इसे आसानी से स्मार्ट सिटी के रूप में डेवलप किया जा सकता है। स्थानीय अधिकारियों को मंडोला को स्मार्ट सिटी बनाने का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। जल्द ही प्रस्ताव को नगर निगम को भेजा जाएगा।
हालांकि नगर निगम स्मार्ट सिटी प्रपोजल के लिए वसुंधरा, वैशाली और आंशिक साइट-4 औद्योगिक क्षेत्र को एरिया बेस्ड डेवलपमेंट के लिए चयनित कर चुका है। कंसलटेंट फर्म के एक्सपर्ट्स अब एससीपी तैयार करने में जुटे हैं। निगम अफसरों ने नया और नगर निगम की सीमा के बाहर का क्षेत्र प्रपोजल में शामिल किए जाने की संभावना से साफ इनकार किया है।
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