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Ghaziabad News: राजकोट हादसे के बाद आई गेम जोन में जांच की याद

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गाजियाबाद। गुजरात के राजकोट में गेम जोन में आग लग जाने की घटना से बच्चों समेत 28 लोगों की मौत हो जाने के बाद गाजियाबाद में अग्निश्मन विभाग के अधिकारी हरकत में आए। रविवार को दिनभर अधिकारियों की टीम माॅल के गेम जोन का निरीक्षण करती रही। इनमें आग बुझाने के इंतजाम मानकों पर परखे गए। प्रबंधकों को आग से बचाव से उपाय बताए गए। साथ ही आग लगने की सूरत में लोगों को निकालने के इंतजाम दुरुस्त रखने की हिदायत दी गई।
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अफसरों की टीम ने वैशाली के महागुन मॉल, सिग्नेचर मॉल वैशाली, ईडीएम मॉल, कौशांबी के पैसिफिक मॉल, राजनगर एक्सटेंशन के केडब्ल्यू दिल्ली 6 माॅल, मोहननगर के सिटी सेंटर माॅल और जीटी रोड स्थित आपुलेंट माॅल का निरीक्षण किया। इनमें महागुन, पैसिफिक, आपुलेंट, केडब्ल्यूडी दिल्ली 6 और सिटी सेंटर में गेम जोन चल रहे हैं। सभी जगह आग बुझाने के इंतजाम का मानकों पर परीक्षण किया गया।
मुख्य अग्निश्मन अधिकारी राहुल पाल ने बताया कि सभी जगह गेम जोन के कर्मचारियों को साथ लेकर आग बुझाने के उपकरणों की जांच-पड़ताल की गई। निकासी के मार्ग देखे गए। गेम जोन में मौजूद बच्चों से भी बात की गई। सभी को बताया गया कि अगर कभी कोई घटना हो जाए तो निकास मार्ग से बाहर निकल जाना चाहिए। गेम जोन के प्रबंधकों को हिदायत दी गई है कि निकास मार्ग हमेशा अवरोध मुक्त रखा जाए।
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ये भी दिए निर्देश
माॅल में अलार्म सिस्टम का हमेशा चालू रहना अनिवार्य है ताकि आग लगते ही पता चल सके।
माॅल हो या गेम जोन आग बुझाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारियों की उपस्थिति अवश्य होनी चाहिए।
माॅल में आग बुझाने के लिए उपकरण हमेशा चालू हालत में होने चाहिए। समय समय पर इनकी जांच होनी चाहिए।
माॅल में पानी के पंप, हाइड्रेंट सिस्टम और स्प्रिंकलर सिस्टम का हमेशा का स्वचालित मोड में होना आवश्यक है।
मॉल परिसर मे किसी भी दशा मे अतिरिक्त सजावट का सामान नहीं रखा होना चाहिए।


115 अस्पतालों में आग बुझाने के इंतजाम ठीक नहीं



अग्निशमन विभाग ने 276 अस्पताल और नर्सिंग होम में की आग बुझाने के इंतजाम की पड़ताल
सुमित शिशौदिया
साहिबाबाद। जिले के 115 अस्पतालों में आग बुझाने के इंतजाम ठीक नहीं है। इनमें सरकारी अस्पताल भी शामिल हैं। हाल ही में अग्निशमन विभाग ने 324 अस्पताल का सर्वे किया था। इसकी रिपोर्ट में यह चिंताजनक स्थिति सामने आई है। इन 115 में लोनी क्षेत्र के 40 स्वास्थ्य केंद्र, अस्पताल और नर्सिंग है। कोतवाली घंटाघर क्षेत्र के 33 हैं। दिल्ली की घटना के बाद यह स्थिति चिंता और बढ़ा रही है।
आग बुझाने के इंतजाम अधूरे या खराब मिलने पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोनी, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिरौड़ी,नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पसौंडा, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मंडोला, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फर्रुखनगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरादनगर,नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निवाड़ी, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुराना, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र काकड़ा, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ग्यासपुर, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र डासना, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दुहाई, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र शाहपुर बम्हेटा, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोवापुर, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंगला अटौर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भोजपुर, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तोड़ी, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तलहेटा, नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र फरीदनगर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुरादनगर, जिला एमएमजी अस्पताल, जिला संयुक्त अस्पताल संजय नगर, जिला महिला अस्पताल को नोटिस जारी हो चुका है।
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115 सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों को नोटिस जारी किया है। इनमें आग बुझाने के इंतजाम नहीं मिले या खराब पड़े थे। सभी को एक महीने का समय दिया है।
- राहुल पाल, मुख्य अग्निश्मन अधिकारी
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