गाजियाबाद। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म को चूहे खोखला कर रहे हैं। साफ-सफाई समेत चूहों को मारने पर रेलवे विभाग का हर महीने करीब नौ लाख रुपये खर्च कर रहा है लेकिन चूहे मरने की बजाय बढ़ते जा रहे हैं। प्लेटफार्म नंबर तीन स्थित डाक विभाग के दफ्तर में रोजाना सफाई की जाती है, सुबह दफ्तर खुलने पर मिट्टी का ढेर लगा रहता है। कर्मियों का कहना है कि चूहों की वजह से काफी दिक्कत हो रही है। यही नहीं चूहे दफ्तर में दस्तावेजों को भी कुतर रहे हैं।
डाक निरीक्षक एमएल कटियार ने बताया कि कई दस्तावेज और आर्टिकल को चूहे नुकसान पहुंचा चुके हैं। कई बार शिकायत की गई है। सभी प्लेटफार्म पर चूहों की समस्या बढ़ गई है। यात्री खाने-पीने की वस्तुओं को इधर-उधर फेंक देते हैं जिससे गंदगी फैलती है और चूहे बढ़ रहे हैं। वहीं, बजरिया स्थित आरएमएस दफ्तर में भी चूहों ने अपना घर बना लिया है। यहां रोजाना पार्सल के बैग चूहे कुतर देते हैं। आरएमएस के एसआरओ का कहना है कि चूहे मारने की दवाएं रखी जाती हैं। दफ्तर के परिसर में नमी होने के कारण चूहों की संख्या बढ़ रही है।
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सफाई में खर्च हो रहे नौ लाख रुपये महीने
चीफ हेल्थ इंस्पेक्टर जितेंद्र दुबे का कहना है कि चूहों को मारने के लिए नियमित रूप से दवा का छिड़काव प्लेटफार्म पर कराया जाता है। प्रत्येक प्लेटफार्म पर हर तीसरें दिन खाद्य पदार्थ में चूहे मारने की दवा मिलाकर जगह-जगह रखा जाता है। काफी चूहे मर भी रहे हैं। चूहे को मारने के लिए अलग से बजट नहीं होता है। साफ-सफाई के साथ चूहों को मारने पर करीब नौ लाख रुपये हर महीने खर्च किए जाते हैं।