गाजियाबाद। 11 वर्ष पहले मुरादनगर में गंगनहर रेगुलेटर पर हुए बवाल में आरोपी राकेश टिकैत, पूर्व मंत्री दलवीर सिंह, विधायक योगेश धामा, पूर्व विधायक सुदेश शर्मा, वीरपाल सिंह राठी व भगवती प्रसाद समेत आठ नेताओं को त्वरित न्यायालय संख्या दो (विशेष न्यायालय एमपी/एमएलए) की अदालत से जमानत मिल गई। सभी आरोपियों के खिलाफ अदालत से वारंट जारी हुआ था।
अदालत में बृहस्पतिवार को समर्पण कर कहा कि मुकदमे के विचारण में पूरा सहयोग करेंगे। उसके बाद अदालत के विशेष न्यायाधीश निशांतमान ने अर्जी स्वीकार कर ली। रालोद के निवर्तमान राष्ट्रीय प्रवक्ता अधिवक्ता चौधरी अजयवीर सिंह ने बताया कि 18 सितंबर 2014 को रालोद के तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह की दिल्ली में कोठी खाली कराने के विरोध में मुरादनगर सोनिया विहार रेगुलेटर पर रालोद व किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं व जाट समाज के लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। इसमें पुलिस ने कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज करने के साथ ही आंसू गैस के गोले और रबर की बुलेट प्रदर्शनकारियों पर छोड़ा था। पुलिस ने 36 नामजद नेताओं व कार्यकर्ताओं सहित लगभग पांच हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ पुलिस पर जान लेवा हमला, आगजनी, तोड़-फोड़, सरकारी कार्य में बाधा डालने, बंधक बनाए जाने, बलवा करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। पुलिस ने विवेचना के बाद नामजद 36 आरोपियों के खिलाफ एमपी/ एमएलए विशेष न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। उसके बाद अदालत ने आठों आरोपियों के खिलाफ वारंट जारी किया था। आरोपियों ने बृहस्पतिवार को एमपी/एमएलए विशेष न्यायालय/ त्वरित न्यायालय द्वितीय की अदालत में समर्पण करने के बाद जमानत याचिका पेश की। इसके पहले 23 जनवरी को 16 रालोद नेताओं को जमानत मिल चुकी है। हालांकि आरोपी कई नेता अब भाजपा का दामन थाम चुके हैं।