राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर प्रस्तावित फ्लाईओवर के लिए एनसीआरटीसी ने एनओसी दे दी है लेकिन इसका निर्माण अब अगले माह शुरू हो पाएगा। वहीं एनसीआरटीसी ने राजनगर एक्सटेंशन में हाईस्पीड ट्रेन के स्टेशन की जगह में परिवर्तन कर जीडीए की टेंशन कम कर दी है। फिलहाल फिर से फ्लाईओवर के डिजाइन में कुछ बदलाव की जरूरत आ पड़ी है।
जीडीए के चीफ इंजीनियर एससी द्विवेदी ने बताया कि नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) ने सोमवार को फ्लाईओवर के लिए एनओसी दे दी। हाईस्पीड फ्लाईओवर के बीच से गुजरेगी। फ्लाईओवर को दो हिस्सों में बांटना होगा। दोनों हिस्सों के बीच हाईस्पीड के लिए 18 मीटर जगह छोड़नी होगी।
बीच की जगह पर हाईस्पीड के पिलर खड़े होंगे और हाईस्पीड की ऊंचाई फ्लाईओवर से 5-6 मीटर ऊंची होगी।चीफ इंजीनियर ने बताया कि एनसीआरटीसी ने अपने डिजाइन में राजनगर एक्सटेंशन चौराहे पर स्टेशन की जगह निर्धारित कर रखी थी। इस पर जीडीए ने आपत्ति जताई थी।
एनसीआरटीसी को बताया गया कि चौराहे पर स्टेशन होने से फ्लाईओवर पर यातायात प्रभावित होगा। पहले एनसीआरटीसी अपने इस स्टेशन की जगह में परिवर्तन करने को तैयार नहीं था। उन्होंने बताया कि अब एनसीआरटीसी चौराहे से दो-तीन सौ मीटर हटकर मेरठ तिराहे की ओर स्टेशन बनाने पर सहमत हो गया है। इससे जीडीए की टेंशन कम हुई है।
द्विेदी ने बताया कि फ्लाईओवर के डिजाइन में थोड़े-बहुत बदलाव के लिए इसे आईआईटी रुड़की भेजा जाएगा। वहां से डिजाइन फाइनल होने पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा लेकिन अब दिसंबर में ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। सेतु निगम इसे 50 करोड़ की लागत से बनाएगा।