जहांगीराबाद की अनाज मंडी में पहुंची मक्का की बोली लगाते व्यापारी। संवाद
जहांगीराबाद। लगातार हुई बारिश ने मक्का उत्पादक किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कटाई और गहाई के बाद खुले में रखी मक्का के भीग जाने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो गई है। दानों पर दाग पड़ने और नमी बढ़ने के कारण मंडी में खरीद के समय भाव कम लगाए जा रहे हैं। अच्छी गुणवत्ता वाली मक्का की तुलना में खराब गुणवत्ता वाली मक्का के दाम करीब 200 रुपये प्रति क्विंटल तक नीचे आ गए हैं। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कृषि उत्पादन मंडी समिति में इस सीजन अब तक करीब सवा दो लाख क्विंटल मक्का की खरीद हो चुकी है। पिछले सप्ताह तक मंडी में मक्का की अच्छी आवक थी, लेकिन बारिश के बाद इसमें कमी आई है। कई किसानों ने मौसम खराब होने के कारण कटाई और गहाई का कार्य भी रोक दिया है। वहीं जिन किसानों की मक्का पहले से खेतों या खलिहानों में पड़ी थी, वह बारिश में भीग गई। इससे दानों की चमक खत्म होने के साथ गुणवत्ता भी गिर गई। मंडी व्यापार मंडल अध्यक्ष जयप्रकाश गर्ग ने बताया कि व्यापारी गुणवत्ता के आधार पर ही खरीद करते हैं। अच्छी, सूखी और साफ मक्का का उचित मूल्य मिल रहा है, जबकि भीगी और दागदार मक्का के भाव कम हो गए हैं। यदि मौसम साफ रहता है तो आने वाले दिनों में आवक बढ़ने की संभावना है।
आढ़ती ओमदत्त शर्मा ने बताया कि बारिश के कारण कई किसानों की मक्का खराब हो गई है। नमी अधिक होने से व्यापारी खरीद में सावधानी बरत रहे हैं। संजय लोधी ने कहा कि दागदार मक्का को अलग श्रेणी में खरीदना पड़ रहा है, जिससे किसानों को कम कीमत मिल रही है। आढ़ती रिंकू राणा के अनुसार पिछले कुछ दिनों में बारिश के चलते आवक में कमी आई है। किसान भी मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं सुनील चौधरी ने बताया कि यदि मक्का पूरी तरह सूखने के बाद मंडी लाई जाए तो किसानों को बेहतर भाव मिलने की संभावना रहती है। व्यापारियों का कहना है कि मौसम यदि जल्द सामान्य हो जाता है तो मंडी में दोबारा आवक बढ़ेगी और बाजार भी स्थिर होगा। फिलहाल बारिश का सबसे अधिक असर उन किसानों पर पड़ा है, जिनकी फसल कटाई के बाद खुले में पड़ी थी।
मौसम साफ होने पर ही करें कटाई और गहाई : धीरज कुमार
कृषि उत्पादन मंडी समिति के सचिव धीरज कुमार ने किसानों से अपील की है कि मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही मक्का की कटाई, गहाई और भंडारण करें। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण फसल की गुणवत्ता प्रभावित होने पर किसानों को कम कीमत मिलती है। यदि मक्का को पूरी तरह सुखाकर मंडी में लाया जाए तो बेहतर भाव मिलने की संभावना रहती है।