गाजियाबाद। शहर में बढ़ते प्रदूषण से बच्चों को बचाने के लिए अब पब्लिक और सरकारी स्कूलों में एयर प्यूरीफायर लगाए जाने के निर्देश हैं। पब्लिक स्कूलों में सत्र से पूर्व ही एयर प्यूरीफायर लगाए जाने को कहा गया है। जबकि सरकारी स्कूलों में इसके लिए बजट की व्यवस्था बनाए जाने की तैयारी चल रही है।
डीआईओएस राज सिंह यादव ने बताया कि बढ़ते वायु प्रदूषण की चपेट में बच्चे न आएं, इसके लिए अब एयर प्यूरीफायर लगाना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने बताया कि बच्चे दिन के पांच घंटे से भी अधिक समय स्कूल में व्यतीत करते हैं।
ऐसे में वायु प्रदूषण से वे सीधे संपर्क में आते हैं। स्वस्थ हवा में बच्चे सांस ले सकें, इसके लिए यह व्यवस्था बनाए जाने को कहा गया है। डीआईओएस ने बताया कि यह निर्देश सभी बोर्ड के पब्लिक और सरकारी स्कूलों को जारी किया गया है।
स्कूल बजट में से सरकारी विद्यालय एयर प्यूरीफायर की व्यवस्था कर सकते हैं। बता दें कि शहर में तेजी के साथ वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। दिसंबर 2015 में प्रमुख स्थानों पर पीएम 2.5 अधिकतम 250 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर था, जो जनवरी 2017 में बढ़कर 400 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर हो गया है।
पीएम 2.5 का मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति क्यूबिक मीटर है। इस तरह पीएम 2.5 मानक से छह गुना अधिक है। आरडब्ल्यूए पदाधिकारी बार-बार पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड को वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए लिखती रही है, लेकिन अब तक इसका कोई हल नहीं निकल सका है। ऐसे में अब लोग अपने घरों में तो एयर प्यूरीफायर लगाने ही लगे हैं, स्कूलों में भी इसकी व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।