हापुड़ में रविवार देर रात तहसील प्रशासन ने अतिक्रमण के दायरे में आने वाले चैंबरों पर जेसीबी चलवा दी। जिसके बाद अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त हो गया। एसडीएम के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया।
सदर तहसील परिसर के अंदर अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों और स्टांप विक्रेताओं ने चैंबर बनाए हुए थे। रविवार देर रात तहसील प्रशासन ने इन्हें अतिक्रमण के दायरे में मानते हुए जेसीबी चलवा दी। सुबह टीन आदि के चैंबर गिरे हुए देखकर अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त हो गया और हापुड़ बार एसोसिएशन ने हड़ताल की घोषणा कर दी।
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चैंबर गिराने की सूचना पर बड़ी संख्या में अधिवक्ता कचहरी से तहसील परिसर पहुंचे और धरने पर बैठ गए। अधिवक्ताओं का आरोप था कि तहसीलदार द्वारा बिना किसी पूर्व सूचना या नोटिस के यह कार्रवाई की है। जबकि ये अस्थाई चैंबर काफी समय से मौजूद हैं।
पुलिस और अधिवक्ताओं में जमकर नोंकझोंक हुई। मौके पर पहुंचे एसडीएम शुभम श्रीवास्तव ने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं बनी। बाद में एसडीएम ने आश्वासन दिया कि तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चैंबरों को दोबारा बनवाया जाएगा। बार सचिव विकास त्यागी ने बताया कि एसडीएम के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं द्वारा धरना समाप्त कर दिया।