गाजियाबाद के सिद्धार्थ विहार में स्थित प्रतीक ग्रांड सोसायटी में नाले का पानी भरने के मामले में बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज हो गया है। सोसायटी के लोगों ने बिल्डर के खिलाफ जमकर हंगामा किया। बेसमेंट में भरा नाले का गंदा पानी चौथे दिन भी नहीं निकला। मामले को लेकर वार्ड नंबर 15 की पार्षद पूनम शर्मा ओर आवास विकास के एग्जीक्यूट इंजिनियर भिड़े। दोनों ने एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाए।
सिद्धार्थ विहार स्थित प्रतीक ग्रांड सोसायटी में जारी निर्माण कार्य में बिल्डर्स की लापरवाही उजागर हुई है। इस लापरवाही से सोसायटी में रहने वाले करीब दो हजार लोगों की करोड़ों की संपत्ति बेसमेंट में भरे गंदे पानी में जलमग्न हो गई। नगरायुक्त विक्रमादित्य सिंह मलिक और महापौर सुनीता दयाल के निर्देश पर आवास विकास परिषद के अवर अभियंता योगेंद्र कुमार गुप्ता ने प्रतीक ग्रांड सोसायटी के बिल्डर प्रशांत तिवारी और कुछ अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
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एसीपी कविनगर रितेश त्रिपाठी ने बताया कि शनिवार को प्रतीक ग्रांड सोसाइटी के बेसमेंट में निर्माण कार्य चल रहा था। गड्ढा खोदने के दौरान गंगाजल प्लांट की दीवार ढह गई और नाले की दीवार क्षतिग्रस्त होने से सोसाइटी के बेसमेंट में नाले का गंदा पानी भर गया।
बेसमेंट में तीन दर्जन से अधिक कार, बाइक व अन्य वाहन खड़े थे। बेसमेंट में गंदा पानी भरने से सोसायटी में रहने वाले लोगों की करोड़ों की संपत्ति जलमग्न हो गई। इस मामले में विजयनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है। अवर अभियंता का आरोप है कि बिल्डर प्रशांत तिवारी की लापरवाही की वजह से नाले की दीवार टूटी और बेसमेंट में पानी भरने से काफी नुकसान हुआ है।
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इसके साथ ही प्रतीक बिल्डर्स के टावरों के बेसमेंट में गंदा पानी भर गया। बेसमेंट में भरे पानी से सोसायटी के लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। एसीपी ने बताया कि योगेंद्र कुमार गुप्ता की तहरीर पर बीएनएस के अंतर्गत सरकारी कार्य में बाधा की धारा 290, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की धारा 324(4) और लापरवाही से जीवन को खतरे में डालने की धारा 125 में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जांच कर बिल्डर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।