गाजियाबाद। पांच फीसदी छूट के साथ संपत्ति कर जमा करने की अंतिम तारीख 31 जनवरी तीन दिन बाद खत्म हो जाएगी। इसके बाद फरवरी में बकायेदारों को कोई छूट नहीं मिलेगी। एक अप्रैल से 12 फीसदी ब्याज के साथ कर जमा करना होगा। नगर निगम की ओर से संंपत्ति कर वसूली के लिए सख्ती शुरू कर दी गई है।
नगर निगम सीमा में करीब साढ़े चार लाख करदाता हैं, जिनसे निगम कर की वसूली करता है। करीब एक लाख से अधिक नई संपत्तियों को चिह्नित किया गया है। इनसे भी कर वसूली के लिए प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एक अप्रैल से इन्हें भी कर के दायरे में लाने के लिए निगम ने तैयारियां शुरू कर दी है। वहीं, 31 मार्च तक बकाया संपत्ति कर नहीं जमा करने वालों पर 12 फीसदी ब्याज के साथ कर की वसूली की जाएगी। ऐसे लोगों से कर की वसूली के लिए सिलिंग की कार्रवाई की जाएगी।
पांचों जोन में चल रही है कार्रवाई : नगर निगम को 31 मार्च तक 243 करोड़ रुपये के गृहकर की वसूली करनी है। ऐसे में बकायेदारों को नोटिस भेजने के साथ ही सिलिंग की भी कार्रवाई की जा रही है। पांचों जोन में बकायेदारों से वसूली के लिए अभियान चलाया जा रहा है।