गाजियाबाद। डेंगू बुखार से स्वस्थ होने के बाद भी इस बार लोगों को आठ से दस दिन तक बाल झड़ने, कमजोरी, सिरदर्द और पाचन क्षमता कमजोर होने से एसिडिटी की परेशानी हो रही है। डेंगू बुखार से स्वस्थ हो चुके मरीज अस्पताल में इन लक्षणों को बताकर इलाज करा रहे हैं।
एमएमजी अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि डेंगू से रिकवरी के बाद अगर किसी चीज में सबसे ज्यादा समय लगता है तो वो है शरीर में ऊर्जा का वापस आना। प्लेटलेट्स में कमी की वजह से ठीक होने के बावजूद भी कमजोरी महसूस होती है। अगर मरीज की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो ये दिक्कत लंबे समय तक बनी रह सकती है। उन्होंने बताया कि डेंगू बुखार से ठीक हो कई मरीज ओपीडी में आ चुके हैं, अधिकांश लोगों के शरीर में तेज दर्द होना आम बात है, लेकिन इसकी रिकवरी के बाद भी दर्द बना रह सकता है। उन्होंने बताया कि कई मरीजों में बाल टूटने की परेशानी भी हो रही है।
पोषक तत्वों की कमी होने से बढ़ती है परेशानी
डेंगू में शरीर में विटामिन और मिनरल्स की कमी हो जाती है। विटामिन ए, डी, बी 12 और ई सहित कई जरूरी तत्वों की कमी के कारण जोड़ों का दर्द और बढ़ जाता है। कुछ मरीजों में त्वचा से संबंधित परेशानियां भी सामने आ रही है। इनकी पूर्ति के लिए तरल पदार्थ बढ़ाएं और फलों का जूस और नारियल पानी का दस दिन तक नियमित सेवन करें।
24 घंटे में 16 मरीज, मरीजों की संख्या हुई 648
122 लोगों की जांच में 16 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। जुलाई से अब तक डेंगू मरीजों की संख्या 648 हो गई है। इस समय 87 सक्रिय मरीजों का इलाज चल रहा है। इनमें से 52 अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। सर्वे में 115 घरों में डेंगू लार्वा मिला। जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता का कहना है कि किसी मरीज की हालत गंभीर नहीं है। शनिवार को विभाग की 170 टीमों ने 126 क्षेत्रों में 4719 घरों में सर्वे किया। सर्वे टीम ने लार्वा नष्ट कर सभी स्थानों पर एंटी लार्वा छिड़काव कराया है। 74 स्थानों पर लोगों को जल भराव से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक किया। सर्विलांस अधिकारी ने कहा कि एमएमजी अस्पताल स्थित बल्ड बैंक में प्लेटलेट्स की व्यवस्था है, लेकिन मरीजों को प्लेटलेट्स की जरूरत नहीं पड़ रही है।
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