गाजियाबाद। कई दिन से लगातार प्रदूषण का स्तर बढ़ने से इसका दुष्प्रभाव सीधे लोगों की आंखों पर पड़ रहा है। शहर में हवा में धूल और जहरीले कणों की मात्रा बढ़ने के कारण आंखों में खुजली, जलन, पानी आने और लाल होने की शिकायत करने वालों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
हालात यह हैं कि एमएमजी और संयुक्त जिला अस्पताल में रोजाना 200 सौ से 250 मरीज आंखों की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं, जिनमें लगभग 80 फीसदी मरीज प्रदूषण जनित जलन और खुजली से परेशान हैं।
नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.जितेंद्र सिंह का कहना है कि इस समय हवा में मौजूद सूक्ष्म कण आंखों की सतह पर जमा होकर उसे उत्तेजित कर रहे हैं, जिससे एलर्जी का खतरा बढ़ गया है। कई मरीजों में कंजंक्टिवाइटिस (आंख आना) जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं। डॉ.जितेंद्र का कहना है कि यह किसी संक्रमण की वजह से नहीं बल्कि प्रदूषण से हो रहा है।
आंखों के लगातार सूखने और जलन का सबसे बड़ा कारण हवा में फैले जहरीले कण हैं जो सामान्य से कई गुना बढ़ चुके हैं। एमएमजी अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.नरेंद्र कुमार ने बताया कि पिछले दो सप्ताह में आंखों से संबंधित मरीजों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है। जो मरीज सामान्य दिनों में हल्की शिकायत लेकर आते थे, वो अब गंभीर तकलीफ के साथ पहुंच रहे हैं। लोगों की आंखें प्रदूषित कणों के संपर्क में आने के बाद सूजने लगती हैं और कुछ मरीजों में एलर्जी के कारण पलकें चिपकने की समस्या भी बढ़ी है।