पुलिस पूछताछ में आरोपी नाजिम ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह पहले ट्रक चलाता था, जहां उसकी मुलाकात जहांगीर नाम के व्यक्ति से हुई, जहांगीर कंप्यूटर वाले कांटों में चिप लगाकर सरिया चोरी करता था। नाजिम भी इस गिरोह में शामिल हो गया और हेराफेरी, सरियों की चोरी के पैसों से उसने तीन ट्रक खरीद लिए।
वह इन ट्रकों का इस्तेमाल भी सरिया चोरी करने में ही करने लगा। एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि यह गिरोह आदित्य वर्ल्ड सिटी में निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के स्टोर इंचार्ज के साथ मिलकर खेल करता था। ये लोग धर्मकांटे में रिमोट कंट्रोल वाली इलेक्ट्रॉनिक चिप लगाते थे। जब सरियों से लदा ट्रक कांटे पर चढ़ता, तो रिमोट की मदद से डिजिटल स्क्रीन पर वजन कम या ज्यादा दिखा दिया जाता था, जिससे कंपनी को पता चले बिना भारी मात्रा में सरिया गायब कर दिया जाता था।
पुलिस ने आरोपी नाजिम उर्फ गजनी पुत्र मन्नर निवासी लालपुर धौलाना हापुड़ को गिरफ्तार किया। एसीपी ने बताया कि इस गिरोह के 6 सदस्य पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं, जिनसे 52 टन 350 किलो चोरी का सरिया, छह ट्रक, इलेक्ट्रॉनिक चिप और रिमोट बरामद हुए थे। आरोपी नाजिम पर पहले से ही धोखाधड़ी और आबकारी अधिनियम के कई मामले दर्ज हैं। एसीपी ने बताया कि इस गिरोह के सक्रिय सदस्य की गिरफ्तारी से सरिया चोरी की वारदातों पर लगाम लगेगी। आरोपी के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है।