गाजियाबाद में बांग्लादेशी बताकर गुलधर इलाके में खाली मैदान में झुग्गी-झोपड़ी डालकर रह रहे मजदूरों को पीटने के मामले में हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पिंकी चौधरी के साथ नाम बादल उर्फ़ हरिओम पुत्र हरभजन सिंह निवासी बसंत कुंज को भी गिरफ्तार किया गया है। हिंदू रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने हमला बोल दिया था। मजदूरों को बांग्लादेशी बताकर हमलावरों ने उन्हें लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा और उनकी झुग्गियां तोड़ डालीं। इसी दौरान एक झुग्गी में आग भी लग गई।
इस घटना का वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आई पुलिस ने हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष पिंकी चौधरी और 15-20 अज्ञात के खिलाफ केस तो दर्ज कर लिया था। लेकिन शनिवार दोपहर तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं कर सकी। पिंकी चौधरी के खिलाफ पहले से 16 केस दर्ज हैं और वह साहिबाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है।
उसने पहले धमकी दी थी कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले नहीं रुके तो वह गाजियाबाद में रह रहे बांग्लादेशियों को खदेड़ देगा। इस धमकी का वीडियो भी वायरल हुआ था लेकिन पुलिस ने तीन दिन में कोई कार्रवाई नहीं की। इस लापरवाही का नतीजा शुक्रवार की रात आठ बजे सामने आ गया। हैरानी की बात यह भी है कि हमले की सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस के सामने भी हमलावर नारे लगाते रहे। पुलिस ने मौके से किसी को भी हिरासत में नहीं लिया।
हमले के बारे में पिंकी चौधरी ने शनिवार की दोपहर फोन पर कहा, जानकारी मिली थी कि गुलधर के पास खाली मैदान में कुछ झुग्गियों में रहने वाले लोग बांग्लादेशी हैं। बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को देखकर कार्यकर्ताओं ने झुग्गियों में रहने वाले बांग्लादेशियों को खदेड़ा। उधर, मधुबन बापूधाम थाने में केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच की तो पता चला कि हमले का शिकार बने लोगों में एक भी बांग्लादेशी नहीं है। सभी लोग शाहजहांपुर के रहने वाले हैं और मजदूरी करते हैं।
अखिलेश यादव ने एक्स पर साझा किया वीडियो
वहीं इस मामले पर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने एक्स पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि कानून हाथ में लेने का अधिकार तो सरकार को भी नहीं है। फिर उनके संगी-साथी गुर्गों को कैसे हो सकता है। इस हिंसक मामले में माननीय न्यायालय से स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह है।
पुलिस के सामने भी लगाए नारे
झुग्गी-झोपड़ियों पर हमले का वीडियो शनिवार को वायरल हुआ। इसमें कुछ लोग झोपड़ियों में तोड़फोड़ करते नजर आ रहे हैं। झोपड़ी के अंदर से निकले लोगों को हमलावर लाठी-डंडों से पीट रहे हैं। इसी दौरान कुछ चीख सुनाई देती हैं और एक झोपड़ी में आग लग जाती है। हमले के शिकार लोगों का कहना था कि आग हमलावरों ने ही लगाई। हालांकि, पुलिस का दावा है कि हमले के दौरान ही चूल्हे से आग लग गई। यह लगाई नहीं गई। वीडियो में हमलावर एक बुजुर्ग को भी बुरी तरह से पीटते नजर आ रहे हैं। हमलावरों ने एक धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक नारे भी लगाए। एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि हंगामे की सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची और उन्हें समझाया गया। इसके बाद भी वे नारेबाजी व हंगामा करते रहे।
पिंकी पर एनएसए लगाने की तैयारी
उपनिरीक्षक संजीव कुमार की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की बलवा करने की धारा 191(2), मारपीट 115(2), किसी धर्म पर टिप्पणी करने व धार्मिक भावनाओं को आहत करने 299, 354, 117(4) और 324(5) की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने पिंकी चौधरी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई करने के लिए फाइल खोल दी है। पुलिस ने बताया कि पिंकी चौधरी साहिबाबाद थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उस पर साहिबाबाद, मसूरी, लोनी, कविनगर, विजयनगर, टीलामोड़, शालीमार गार्डन में 16 मुकदमे दर्ज हैं। छह अक्तूबर 2023 को उसकी हिस्ट्रीशीट खोली थी।