माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। चंद्र नगर स्थित पंजाब नेशनल बैंक शाखा से जुड़े वर्ष 2018 के करीब चार करोड़ रुपये के ऋण घोटाले में सुनवाई नहीं हुई। पीठासीन अधिकारी के अवकाश पर होने से अगली सुनवाई की 26 अगस्त की तारीख लगा दी गई।
सीबीआई के अनुसार लक्ष्य तंवर ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक उत्कर्ष कुमार, उप प्रबंधक प्रियदर्शिनी, मैसर्स शिवी स्टील के प्रोपराइटर दक्ष कुमार और अनिल कुमार शर्मा सहित अन्य के साथ मिलकर षड्यंत्र में भूमिका निभाई। आरोप है कि फर्जी और कूटरचित बैलेंस शीट, वैल्यूएशन रिपोर्ट तथा अन्य दस्तावेजों के आधार पर मैसर्स शिवी स्टील के लिए चार करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा स्वीकृत कराई गई। आरोपों के मुताबिक ऋण की राशि से जुड़े लेनदेन में लक्ष्य तंवर की पत्नी प्रियंका तंवर के स्वामित्व वाली फर्म मैसर्स शिवी द विंटर हाउस तथा अन्य संबंधित खातों का इस्तेमाल किया गया। अभियोजन का आरोप है कि सह अभियुक्त अनिल कुमार शर्मा की फर्म मैसर्स एबी एसोसिएट्स के माध्यम से करीब दो करोड़ 48 लाख रुपये और दो करोड़ 49 लाख रुपये की राशि स्थानांतरित की गई। इसके बाद राशि को विभिन्न किस्तों में मैसर्स शिवी स्टील के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से जमा कर वास्तविक व्यापारिक लेनदेन का कथित तौर पर मिथ्या आभास दिया गया। अभियोजन ने आरोप लगाया कि लक्ष्य तंवर को प्रस्तुत वैल्यूएशन रिपोर्ट, लेखा विवरण और अन्य दस्तावेजों के कथित तौर पर कूटरचित और मिथ्या होने की जानकारी थी। इसके बावजूद इन दस्तावेजों को वास्तविक और सही बताकर बैंक अधिकारियों के समक्ष इस्तेमाल किया गया।
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