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Ghaziabad News: गंगा स्नान के बाद नोएडा जा रहा पिकअप बस से टकराया, चालक की मौत, 13 श्रद्धालु घायल

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एनएच नौ पर विजय नगर के सामने टक्कर से क्षतिग्रस्त वाहन। संवाद
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गाजियाबाद। हरिद्वार में गंगा स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं को लेकर लौट रहा पिकअप सोमवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे एनएच-9 पर कृष्णानगर बागूवाला कॉलोनी के सामने एक बस से टकरा गया। हादसे में चालक की मौत हो गई, जबकि वाहन में सवार 13 लोग घायल हो गए। इनमें एक महिला की हालत गंभीर है। उसे दिल्ली रेफर किया गया है।
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एसीपी वेव सिटी प्रियाश्री पाल ने बताया कि हादसा क्रॉसिंग रिपब्लिक थाना क्षेत्र में हुआ। दुर्घटना में नोएडा सेक्टर-110 निवासी चालक राजेश कुमार समेत 13 श्रद्धालु घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी घायलों को एमएमजी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने चालक राजेश कुमार को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल संगीता पत्नी अशोक माथुर को उच्च चिकित्सा केंद्र (हायर सेंटर) रेफर कर दिया गया। अन्य घायलों का उपचार जारी है। इनमें से कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

एसीपी ने बताया कि सभी श्रद्धालु जनपद गौतमबुद्धनगर के निवासी हैं। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में ले लिया है और चालक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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नींद की झपकी से हादसे की आशंका

पिकअप में सवार श्रद्धालु हर्ष, रोशनी और मंजू देवी ने बताया कि वे सभी रविवार दोपहर सेक्टर-110 से हरिद्वार के लिए रवाना हुए थे। वहां रात में गंगा स्नान करने के बाद वापस घर लौट रहे थे। चालक के साथ आगे की सीट पर बैठे रजनीश कुमार के अनुसार, रास्ते में राजेश कुमार को कई बार नींद की झपकी आई। उन्होंने कई बार मुंह पर पानी भी डाला, लेकिन एचपी पेट्रोल पंप के सामने अचानक झपकी आने से वाहन अनियंत्रित हो गया और आगे चल रही बस से टकरा गया।

ये हुए हैं घायल

मंजू देवी पत्नी राजेश, रितेश पुत्र राजेश, अमन पुत्र राजेश, रोशनी पुत्री राजेश, शबनम पत्नी मुन्ना कुमार, करण पुत्र मुन्ना कुमार, रीना पत्नी प्रमोद, नेहा पुत्री मुन्ना कुमार, प्रियंका पुत्री प्रमोद, संगीता पत्नी अशोक माथुर, हर्ष पुत्र अशोक, प्रिंस पुत्र अशोक व रजनीश पुत्र वीरेंद्र सैनी। सभी सेक्टर-110, नोएडा, जनपद गौतमबुद्धनगर के निवासी हैं।


जानकारी के अनुसार किसी भी व्यावसायिक वाहन में सवारियां बैठाना प्रतिबंधित हैं। वर्ष 2022 में कानपुर में हुए हादसे के बाद यातायात निदेशालय की ओर से यह आदेश जारी किया गया था। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कम किराये का लालच देकर ऐसे वाहनों में लोगों को बैठाकर लंबी दूरी तक ले जाया जाता है। इस घटना के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि इतने लंबे मार्ग पर एक बार भी वाहन की जांच नहीं की गई।
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