गाजियाबाद। यदि आप अपनी सुविधा के लिए ई-रिक्शा में सफर कर रहे हैं, तो जरूरी नहीं कि वह पूरी तरह फिट हैं। कोई गारंटी नहीं कि उसमें सफर करना आपके लिए सुरक्षित है।
हालत यह है जिले में पंजीकृत 27 हजार ई-रिक्शा में से 11500 से ज्यादा ई-रिक्शा अनफिट घूम रहे हैं। इसमें पांच हजार ई-रिक्शा तो ऐसे हैं। जिन्हें खरीदने के बाद एक बार भी फिटनेस जांच नहीं कराई। इनकी हालत पूरी तरह खटारा हो चुकी है।
मेरठ रोड, बस अड्डे, मोहननगर, मोदीनगर, मुरादनगर लोनी में सड़कों पर ई-रिक्शों का बोलबाला है। कई जगह तो सड़क पर निकलने तक के लिए जगह नहीं बचती। कार्रवाई के नाम पर न तो पुलिस और न ही आरटीओ प्रवर्तन के स्तर पर गंभीरता दिख रही है। आरटीओ प्रवर्तन सियाराम वर्मा ने बताया कि वाहनों की फिटनेस न होने की वजह से चालान और जब्तीकरण की कार्रवाई की जाती है।