फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ghaziabad News: लोक अदालत में फिर जुड़े 63 लोगों के रिश्ते...कहीं जमीन की जिद तो कहीं रील्स का विवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
गाजियाबाद। परिवार बचाने की आखिरी कोशिश में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए टूटते हुए रिश्तों को फिर जोड़ दिया। परिवार न्यायालय में सुनवाई के दौरान 63 जोड़ों ने साथ रहने की इच्छा जताई। इनमें कई ऐसे दंपती शामिल है जो महीनों से अलग रहकर मुकदमे की पैरवी करते-करते रिश्तों की कड़वाहट तक पहुंचे। मगर समझौते की पहल हुई तो किसी ने गलती मानी तो किसी ने पुरानी आदत बदलने का भरोसा दिलाया। हालांकि 18 मामलों में बात नहीं बनी और मुकदमों को आगे की सुनवाई के लिए लगा दिया गया। कुल 184 मामलों का निस्तारण हुआ। इनकी फाइल आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए लगा दी गई। शेष मामलों में खर्चे और अन्य बिंदुओं पर सहमति बनने के बाद उनका निस्तारण किया गया।


घर के काम नहीं करने की जिद के आगे पति को ठुकराया, पांच महीने बाद लौटी

दिल्ली के संगम विहार निवासी नवविवाहिता ने पति से साफ कहा कि वह पढ़ी लिखी है और उसे चल्हा-चौका नहीं आता है। उसने नौकरी कर अपनी अलग पहचान बनाने की बान्करते हुए पति के साथ रहने से भी इन्कार करते हुए मायके चली गई। आदित्य वर्ल्ड निवासी इंजीनियर पति ने पत्नी की विदाई के लिए परिवार न्यायालय में मुकदमा दायर किया। करीब पांच महीने तक अदालत के चक्कर काटने के बाद पत्नी को अपनी गलती का एहसास हुआ। उसने पति के साथ रहने की सहमति दी और दोनों की रजामंदी के बाद अदालत ने मुकदमा खत्म कर उन्हें साथ रहने की अनुमति दे दी।
विज्ञापन



मॉल घूमने और मोबाइल पर बात करने को लेकर हुआ विवाद

सिद्धार्थ विहार निवासी युवक की शादी खोड़ा की युवती से 22 नवंबर 2020 को हुई। पति का आरोप है कि पत्नी दिन में मॉल घूमती और रात में मोबाइल पर दूसरों से बातचीत करती रहती रोकने पर विवाद होता और पत्नी कहती कि वह उसे किसी तरह रोक नहीं सकता। मामला बढ़ा तो पति ने तलाक का मुकदमा दायर कर दिया। करीब एक साल तक अदालती प्रक्रिया चलने के बाद शनिवार को दंपती एक साथ घर चला गया।



पैतृक जमीन नाम कराने की जिद से टूटता रिश्ता बचा

मुरादनगर क्षेत्र के निजी शिक्षक की शादी 21 अक्तूबर 2022 को सिद्धार्थ विहार निवासी युवती से हुई थी तो कुछ दिन बाद ही नवविवाहिता ने ससुर के नाम के प्लॉट अपने नाम कराने की जिद शुरू कर दी। पति ने समझाया कि वह इकलौता संतान है और भविष्य में संपत्ति उसी के नाम आएगी। विवाद बढ़ता गया और महिला झगड़कर 12 अप्रैल 2023 को मायके चली गई। परिवार न्यायालय में दोनों के बीच समझौता हुआ और सामूहिक अर्जी देकर साथ रहने की इच्छा जताई।
विज्ञापन



पति को चाहिए थी पत्नी और पत्नी को रील्स की दुनिया

दिल्ली निवासी इंफ्लुएंसर की शादी 23 नवंबर 2024 को प्रताप विहार निवासी युवक से हुई। शादी के बाद दोनों के बीच जीवनशैली को लेकर मतभेद सामने आए। पत्नी ने पति से कहा कि वह उसके किसी रिश्तेदार से संपर्क नहीं रखेगी और उसके पैतृक गांव बुलंदशहर भी नहीं जाएगी। पति ने पत्नी से रील्स बनाना बंद करने को कहा। उसने पति का साथ छोड़ने तक की बात कह दी तो दोनों के बीच सहमति नहीं बन सकी। लिहाजा अदालत ने मामले को आगे की सुनवाई के लिए लगा दिया।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें