लोनी। खजूरी मार्ग पर मानव श्रृंखला बना कर महिलाओं ने किया जाम। संवाद
लोनी। खुशहाल पार्क समेत कई कॉलोनी में एक सप्ताह से बिजली कटौती से गुस्साए लोगों का शुक्रवार दोपहर को सब्र जवाब दे गया। बड़ी संख्या में कॉलोनीवासी एकत्र होकर लोनी-खजूरी मार्ग को जाम कर दिया। दिल्ली से बागपत जाने वाले मार्ग पर जाम की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह लोगों को समझाकर शांत कराकर जाम खुलवाया। पुलिस अधिकारियों ने ऊर्जा निगम के आला अफसरों से बात की और बिजली सुचारू करने के आश्वासन पर मार्ग से हटे।
बृहस्पतिवार देर रात हाइटेंशन लाइन में फाल्ट से बलराम व लाल बाग विद्युत उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। लोगों का आरोप है कि बिजली अधिकारियों को लगातार फोन करते रहे, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया। लोगों का आरोप है कि खुशाल पार्क कॉलोनी में एक सप्ताह से बिजली न आ रही और इससे पानी का संकट भी आ गया। शुक्रवार दोपहर तक बिजली चालू नहीं हुई तो लोग एकत्र होकर लोनी-खजूरी मार्ग पर पहुंचे। गुस्साए लोगों ने दिल्ली से बागपत जाने वाले मार्ग पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों और वाहनों में नोकझोंक भी हो गई। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और वार्ता करने के आधा घंटे बाद लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। लोगों का आरोप है कि अधिकारी न तो फोन उठाते हैं और न ही समस्या का निस्तारण करते हैं। बृहस्पतिवार को कटौती से परेशान होकर अधिकारियों को फोन किया तो अधिकारियों ने जवाब नहीं दिया। दो घंटे तक बिजली नहीं आई तो अवर अभियंता सतेंद्र यादव को फोन मिलाया तो उन्होंने भी कॉल रिसीव नहीं हुई।
लोकल फाल्ट से बिजली हुई गुल
लोकल फाल्ट के चलते राज नगर और इंद्रा एनक्लेव कॉलोनी वासियों ने भी जागकर रात काटी। वहीं, राम विहार कॉलोनी में ट्रांसफार्मर में आए फाल्ट से 250 परिवार परेशान हुए तो गुस्साए लोग गली में एकत्र होकर हंगामा करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बिजली निगम के अधिकारियों से वार्ता कर लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया। अधीक्षण अभियंता इंद्रापुरी मनोज कुमार ने बताया कि दिल्ली-सहारनपुर रोड पर फाल्ट को दुरुस्त करने के बाद आपूर्ति बहाल कराई गई।
लोनी विधायक ने ऊर्जा मंत्री को लिखा पत्र
लोनी विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने ऊर्जा मंत्री एके शर्मा को पत्र लिदा है। इसमें उन्होंने कहा कि क्षेत्र में 15 दिनों से विद्युत व्यवस्था पूरी तरह चर्मरा गई है। कुछ अधिकाकी-कर्मचारी घरेलू कनेक्शनों का दुरुपयोग कर अवैध औद्योगिक समूहों को बिजली दे रहे हैं। रिहायशी क्षेत्रों में गोदाम और व्यावसायिक प्रतिष्ठान स्वीकृत भार से कई गुना अधिक बिजली का उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों पर शासन की मंशा के विपरीत काम कर सरकार की छवि खराब करने के आरोप लगाए हैं।