जिला अस्पताल की ओपीडी में कतार में खड़े मरीज। संवाद
गाजियाबाद। एमएमजी अस्पताल की ओपीडी में इलाज कराने पहुंचे मरीजों को गर्मी और लंबी कतारों से परेशान होना पड़ा। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक सोमवार को ओपीडी में 2500 नए और 1200 पुराने मरीज पहुंचे। मरीजों की संख्या अधिक होने से पर्चा बनवाने में ही मरीजों को 30 से 35 मिनट तक लाइन में खड़ा रहना पड़ा, जिससे कई बुजुर्ग और बच्चे परेशान हो गए। सबसे अधिक भीड़ फिजिशियन की ओपीडी में देखने को मिली, जहां मरीजों की लंबी कतारें सुबह सात बजे से दोपहर एक बजे तक लगी रहीं।
जिला एमएमजी अस्पताल और संजयनगर स्थित संयुक्त चिकित्सालय की ओपीडी में 3352 मरीजों ने इलाज के लिए पंजीकरण कराया। इनमें 1467 महिलाएं, 1357 पुरुष और 528 बच्चे शामिल थे। ओपीडी में आए 42 बच्चों समेत 387 लोग बुखार से पीड़ित थे। गंभीर रूप से बीमार 11 बच्चों समेत 19 मरीजों को अस्पताल में भर्ती किया गया। अन्य मरीजों का इलाज ओपीडी में करने के बाद घर पर आराम करने की सलाह डॉक्टरों ने दी। फिजिशियन डॉ. आलोक रंजन ने बताया कि इस समय गर्मी से वायरल बुखार, जुकाम और शरीर में दर्द के अलावा उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन की परेशानी हो रही है। इनसे बचाव के लिए कटे हुए फल, बासी और बाहर का खाना खाने से बचें। नियमित योग करें और पर्याप्त नींद लें। बुखार होने पर डॉक्टर की सलाह से ही दवा लें और जांच जरूर कराएं।
महिला को आया चक्कर
चिपियाना निवासी 49 वर्षीय अनीता उच्च रक्तचाप का इलाज कराने सुबह 7:30 बजे अस्पताल पहुंचीं। पर्चा बनवाने के लिए वह करीब 40 मिनट तक लाइन में खड़ी रहीं। गर्मी में अचानक उन्हें चक्कर आ गया। मौके पर मौजूद स्टाफ ने उन्हें व्हीलचेयर की मदद से फिजिशियन के पास पहुंचाया, जहां उन्हें प्राथमिक इलाज दिया गया।
फिजिशियन की ओपीडी में हुई कहासुनी
अर्जुन नगर निवासी अमर जीत तेज बुखार होने पर ओपीडी में इलाज के लिए लाइन में लगे थे। पर्चा बनवाने के लिए उन्हें करीब आधा घंटा लाइन में लगना पड़ा। फिजिशियन की ओपीडी में उनके पीछे लाइन में लगे मरीज की कहासुनी हो गई। ओपीडी के बाहर लाइन में लगे मरीज चतुर्थश्रेणी कर्मचारी ने किसी तरह मामला शांत कराया।
सभी के इलाज की व्यवस्था
अस्पताल के सीएमएस डॉ. राकेश कुमार ने बताया कि पंजीकरण कराने वाले सभी मरीजों को इलाज किया गया। किसी को बिना देखे वापस नहीं किया गया। सीएमएस ने कहा कि सोमवार को भीड़ अधिक होने से किसी स्टाफ को अवकाश नहीं दिया जाता है।