गाजियाबाद। रेलवे स्टेशन पर छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस बिना एनाउंसमेंट प्लेटफार्म तीन व चार की बजाय दो नंबर से निकल गई जबकि, एक दंपती अपनी पांच व तीन साल की बेटी के साथ प्लेटफार्म नंबर तीन व चार पर सात घंटे तक ट्रेन का इंतजार करते रहे। ट्रेन के निर्धारित समय 3:20 के बाद उन्होंने कई बार एप तो कई बार पूछताछ केंद्र पर ट्रेन आने के बारे में जानकारी ली। पता चला कि ट्रेन 40 मिनट देरी से चल रही है। इसी चक्कर में पूरे परिवार को सुबह सात बजे तक प्लेटफार्म पर रहना पड़ा। मामले में यात्री ने रेलवे के उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी है। रेल प्रबंधन ने इसकी जांच बैठा दी है।
मुरादनगर रेलवे रोड निवासी अनुभव प्रजापति नोएडा की कंपनी में एकाउंट विभाग में कार्यरत हैं। छत्तीसगढ़ ट्रेन से झांसी जाने के लिए उन्होंने एक माह पहले 29 फरवरी का एसी प्रथम श्रेणी में अपना, पत्नी प्रियंका, बेटी रूपिका व प्रणिका की 4160 रुपये मेंं बुकिंग कराई थी। अनुभव ने बताया कि वह रात साढ़े 11 बजे ही स्टेशन पर पहुंच गए थे। ट्रेन के आने का निर्धारित समय 3:20 था। 3:18 पर एनाउंस हुआ कि ट्रेन 40 मिनट देरी से चल रही है और ट्रेन प्लेटफार्म नंबर तीन पर आएगी फिर बताया गया कि वह चार नंबर पर आ रही है।
इसके बाद वह प्लेटफार्म पर बाहर आकर बैठ गए। 40 मिनट गुजरने के बाद एनाउंसमेंट पूरी तरह बंद हो चुका था। वह ट्रेन की जानकारी करने के लिए स्टेशन मास्टर के कमरे पर गए तो वहां की कुंडी बंद थी। दूसरे कार्यालयों में भी कोई नहीं मिला। साढ़े चार बजे तक तीन ट्रेनें प्लेटफार्म नंबर तीन और चार से गुजर गईं, लेकिन छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस वहां नहीं आई। खास बात यह रही चार ट्रेनों का भी कोई एनाउंसमेंट नहीं था। इसके बाद उनको संदेह हुआ और उन्होंने रेलवे के अधिकारियों को एक्स पर पोस्ट करना शुरू कर दिया था। सुबह छह बजे स्टेशन मास्टर के कमरे में वह गए तो वहां उनको कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने एप पर ट्रेन के बारे में जानकारी की तो पता चला कि ट्रेन दिल्ली पहुंच चुकी है और वह प्लेटफार्म नंबर दो से निकल गई है।
जरूरी था काम इसलिए दिल्ली से पकड़ी दूसरी ट्रेन :
अनुभव ने बताया कि उनको झांसी जरूरी काम से जाना था। जब छत्तीसगढ़ ट्रेन निकल गई तो उन्हाेंने दूसरी ट्रेन में करंट सीट एवलेबिलिटी का स्टेटस देखा, तो थर्ड एसी में ट्रेन 12605 में दिल्ली से टिकट मिला। उन्होंने तुरंत इसकी 1800 रुपये में बुकिंग कराई और कैब करके दिल्ली के लिए रवाना हो गए। खास बात यह है कि इस ट्रेन ने उनको उत्तीसगढ़ ट्रेन से पहले ही झांसी पहुंचा दिया।
टिकट रिफंड की मांग की :
अनुभव ने रेलवे मंत्री के अलावा नॉर्दर्न रेलवे के डीआरएम को ईमेल और एक्स पर शिकायत भेजी है। उन्होंने साढ़े तीन बजे के बाद किए गए इसका स्क्रीनशॉट भी उनको उपलब्ध कराया है। उनका कहना है कि उनको हुई असुविधा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई हो और उनको उनका रुपया रिफंड किया जाए। डीआरएम ने इस प्रकरण की जांच बैठाई है। इस बारे में नॉर्दर्न रेलवे के सीपीआरओ दीपक कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। यात्रियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रबंधन गंभीरता से काम कर रहा है।