गाजियाबाद। पाकिस्तान इंटेलीजेंस ऑपरेटर(पीआईओ) के रूप में काम करने वाला सरफराज ढोगर उर्फ सरदार उर्फ जोरा सिंह पकड़े गए नाबालिगों से सीधे संपर्क में था। मैसेंजर और बोटिम एप से उनसे गुजरात के भुज का वीडियो और फोटो भेजने पर अधिक पैसा मिलने का झांसा देता था।
मजदूरी करने वाले दो नाबालिग भुज में 14 दिनों तक रहे। जहां उन्होंने रुद्र माता एयरफोर्स बेस, भुजियो हिल, आयना महल और प्राग महल के वीडियो और फोटो भेजे हैं। उनके मोबाइल फोन में कुछ अन्य सार्वजनिक स्थानों का भी वीडियो बरामद किया गया है।
सुरक्षा एजेंसियों की पूछताछ में गजरौला और भोवापुर के रहने वाले दो नाबालिग जासूसों ने कुबूल किया है कि उन्होंने राजस्थान के जोधपुर एयरबेस, बीकानेर, जैसलमेर, सूरतगढ़, फलौदी, बाड़मेर आदि का वीडियो और फोटो भी पाकिस्तान के गैंगस्टर सरफराज को बोटिम एप के माध्यम से भेजे हैं। ये दोनों नाबालिग एयरबेस के नजदीक पहुंच जाते थे और रील बनाने के बहाने वीडियो मोबाइल फोन में स्टोर कर लेते थे। उक्त एयरबेस से मिग-21, सुखोई-30 एमकेआई और अन्य लड़ाकू विमान उड़ान भरते हैं और पाकिस्तान की सीमा से सटे हैं।
नए एयरबेस पर जाने को कहा : राजस्थान में नए फॉरवर्ड कंपोजिट एयरबेस का निर्माण जारी है। पकड़े गए बिहार के विवेक और मेरठ के गगन कुमार ने बताया कि उन्हें मैसेंजर के जरिए संदेश दिया गया कि वह राजस्थान के नए एयरबेस की फोटो और वीडियो भेजें। हालांकि वह निर्माणाधीन एयरबेस तक नहीं पहुंच पाए।