गाजियाबाद। ईद के दौरान पुलिस ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूर्ण तैयार कर ली है। जनपद में 700 से अधिक स्थानों पर ईद की नमाज होगी। सिटी, देहात और ट्रांस हिंडन क्षेत्र के अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में क्यूआरटी और पीएससी तैनात रहेगी और ड्रोन से निगरानी की जाएगी। इसके लिए 200 से अधिक क्यूआरटी तैनात की गई हैं। मॉनिटरिंग सेल सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर पैनी नजर रखेगी। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था राजकरन नैय्यर ने कानून व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की हिदायत दी है।
रमजान माह के अंतिम शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। नमाज के दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे। शहर के सभी प्रमुख और संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। रमजान, अलविदा जुमा, ईद और नवरात्र के दौरान सौहार्द एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूर्व में पुलिस द्वारा द्वारा पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गई। आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की गई। ईद की नमाज के दौरान जनपद प्रमुख धार्मिक स्थलों, बाजारों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में सुबह से ही पुलिस की तैनाती कर दी जाएगी। नमाज के समय भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी और महिला पुलिसकर्मियों को भी लगाया गया है। संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी के माध्यम से भी निगरानी की गई, ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। डीसीपी, एसीपी अपने-अपने क्षेत्रों में भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे। संवेदनशील इलाकों में शुक्रवार की देर शाम फ्लैग मार्च भी किया गया।
एडिशनल सीपी लॉ एंड ऑर्डर एवं यातायात राज करन नैय्यर ने बताया कि रमजान, अलविदा जुमे, आगामी ईद और नवरात्र को देखते हुए पूरे जिले में विशेष सुरक्षा प्लान लागू किया गया है। सभी थाना प्रभारियों को अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमण, चेकिंग और निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। मिश्रित आबादी वाले इलाकों और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त फोर्स तैनात की गई है। उन्होंने बताया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए थाना स्तर पर क्यूआरटी का गठन किया गया है, जो तुरंत मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर सके। सोशल मीडिया पर भी विशेष नजर रखी जा रही है। किसी भी प्रकार के भड़काऊ भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अफवाह फैलाने या माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।