गाजियाबाद। लखनऊ की घटना के बाद शिक्षा विभाग भी सक्रिय हुआ है। जिले में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों को नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मंगलवार को जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) कार्यालय की ओर से पत्र जारी कर ऐसे सभी कोचिंग सेंटर संचालकों को जल्द से जल्द पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, जिले में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे कोचिंग सेंटरों की वास्तविक संख्या को लेकर शिक्षा विभाग के पास कोई आधिकारिक आंकड़ा तक उपलब्ध नहीं है। आखिरी बार करीब छह माह पहले शिकायत मिलने पर 12 कोचिंग सेंटरों को नोटिस जारी कर पंजीकरण कराने के निर्देश दिए गए थे। इससे साफ है कि विभागों को कार्रवाई की याद किसी बड़े हादसे के बाद ही आती है।
वर्तमान में शिक्षा विभाग में जिले के केवल 48 कोचिंग सेंटर ही पंजीकृत हैं, जबकि धरातल पर बड़ी संख्या में कोचिंग सेंटर बिना पंजीकरण संचालित हो रहे हैं। इनमें से कई आवासीय और व्यावसायिक भवनों में बिना मानकों और बिना आवश्यक औपचारिकताओं के संचालित किए जा रहे हैं।
जिला विद्यालय निरीक्षक बीपी सिंह ने बताया कि अवैध रूप से संचालित कोचिंग सेंटरों को समय-समय पर पंजीकरण कराने के लिए निर्देश दिए जाते हैं। यदि बिना पंजीकरण संचालित कोचिंग सेंटर की शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी जांच कर नोटिस जारी किया जाता है। इसके बाद भी पंजीकरण नहीं कराया जाता तो विभागीय स्तर पर कोचिंग नियमावली के तहत कार्रवाई की जाती है।