आवास विकास परिषद की योजनाओं में सस्ते आशियाने का इंतजार कर रहे लोगों को परिषद ने बड़ा झटका दिया है। परिषद मंडोला योजना में अपनी योजनाएं लांच करने के बजाए बिल्डरों को प्लाट बेचने जा रहा है। शुरुआत में परिषद ग्रुप हाउसिंग के 32 फ्लैटों की नीलामी करेगा।
सूत्रों का मानना है कि कुछ निजी बिल्डरों को लाभ पहुंचाने के लिए यह निर्णय लिया गया है।आवास विकास परिषद का उद्देश्य आम आदमी को आशियाना मुहैया करवाना है। लेकिन परिषद गाजियाबाद की सबसे बड़ी मंडोला योजना को बिल्डरों के सुपुर्द करने जा रहा है। परिषद योजना के 32 ग्रुप हाउसिंग प्लाटों की नीलामी 26 अक्टूबर को मेरठ में करेगा।
ऐसे में मंडोला योजना में लोगों को अब बिल्डरों की मनमानी कीमतों पर अपना आशियाना मिल सकेगा। हाउसिंग कमिश्नर आरपी सिंह ने बताया कि योजना के नक्शे के अनुसार ग्रुप हाउसिंग प्लाटों की नीलामी की जा रही है।
- अपनी योजनाओं का पजेशन नहीं, बेचे जा रहे प्लाट
ग्रुप हाउसिंग के प्लाट बिल्डरों को बेचे जाने से इंजीनियर विंग के अधिकारी भी खफा हैं। इसका अंदरखाने में विरोध भी चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक योजना में बन रही आसरा-सपना के पांच हजार और ईडब्ल्यूएस के करीब डेढ़ हजार फ्लैटों का पजेशन भी नहीं दिया गया है।
सूत्रों का कहना है कि कुछ अधिकारी निजी बिल्डरों के साठगांठ कर परिषद के लैंडबैंक को बेचना चाहते हैं। सूत्रों का कहना है कि किसी एक बड़े ग्रुप को सभी प्लाट बेचे जाने की योजना है।