नगर निगम अधिकारी और कंसलटेंट फर्म अब स्मार्ट सिटी प्रपोजल (एससीपी) बनाने की तैयारी में जुट गए हैं। स्मार्ट सिटी को लेकर दो जून को मेरठ मंडलायुक्त ने नगर निगम, जीडीए, पावर कारपोरेशन समेत सभी विभागों की ज्वाइंट मीटिंग बुलाई है।
3 जून को लखनऊ में नगर विकास विभाग के सचिव निगम और कंसलटेंट फर्म की बैठक लेंगे। अब करीब एक महीना स्मार्ट सिटी प्रपोजल को अंतिम रूप देने पर ही मंथन चलेगा।
नगर निगम और कंसलटेंट फर्म स्मार्ट सिटी के लिए कई पब्लिक मीटिंग कर चुका है। सुझाव और वोटिंग का दौर अभी जारी है। निगम अफसरों का कहना है कि अब पब्लिक मीटिंग नहीं की जाएगी, बल्कि स्मार्ट सिटी के लिए प्रपोजल तैयार किया जाएगा।
इसके लिए ट्रांसपोर्ट, जीडीए, पीडब्ल्यूडी, पावर कारपोरेशन, शिक्षा, सिंचाई, प्रशासन समेत सभी विभागों की योजनाओं को इसमें सम्मिलित किया जाएगा। निगम अधिकारी स्मार्ट सिटी के लिए सभी विभागों से सहमति लेंगे, ताकि चयनित होने के बाद योजनाओं को मूर्त रूप देने में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
इसके लिए मंडलायुक्त बैठक लेंगे और सभी विभागों से सैद्धांतिक सहमति लेंगे। तीन जून को नगर विकास सचिव लखनऊ में स्मार्ट सिटी मिशन को लेकर अफसरों और कंसलटेंट फर्म के एक्सपर्ट की मीटिंग लेंगे। इससे पहले फर्म को स्मार्ट सिटी प्रपोजल तैयार करना होगा। हालांकि यह अंतिम प्रपोजल नहीं होगा।
कई चरणों की मीटिंग के दौरान हर बार इसमें कुछ न कुछ संशोधन किया जाएगा। अंतिम एससीपी 20 जून तक तैयार कर ली जाएगी। 30 जून तक इसे केंद्र सरकार के पास भेजा जाना है।
अधिकारी बोले
स्मार्ट सिटी के लिए अन्य विभागों से भी कॉस्ट कनवर्जन कराना है। प्रपोजल में इसे स्पष्ट किया जाएगा कि अन्य विभाग स्मार्ट सिटी के लिए क्या योजनाएं लाएंगे। इसको लेकर मंडलायुक्त ज्वाइंट मीटिंग लेंगे। जल्द ही एससीपी तैयार कर शासन को भेजा जाएगा। - अब्दुल समद, नगर आयुक्त