गाजियाबाद। नोटबंदी के 56 दिन बाद भी शहर के एटीएम की व्यवस्था सुधरी नहीं है। मंगलवार को यह स्थिति थी कि एसबीआई और पीएनबी में कैश ही नहीं आया। बैंकों के पास जो कैश था वही बांटा गया। जबकि पीएनबी के एक भी एटीएम से कैश नहीं मिला। यही हाल अन्य बैंकों के एटीएम का भी रहा। शहर के 70 प्रतिशत एटीएम बंद पड़े हैं।
नोटबंदी के बाद से बैंकाें की व्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है, लेकिन एटीएम की तरफ ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा रहा है। शहर के 70 प्रतिशत एटीएम या तो बंद हैं या फिर उनका शटर डाउन है। मंगलवार को आरबीआई से कैश नहीं आने की वजह से एसबीआई और पीएनबी जैसे बड़े बैंकों में लोगों को पूरा कैश नहीं मिल सका।
बैंकों के पास जो पूर्व में कैश जमा था, वही लोगों को दिया गया। जबकि सिंडिकेट बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, आईसीआईसीआई, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स समेत अन्य बैंकों में लोगों को निर्धारित 24 हजार रुपये नहीं मिले।
एटीएम के हैं बुरा हाल
नोटबंदी के बाद से एटीएम को ज्यादा तवज्जो नहीं दी गई। यही वजह है कि इतने दिन बीत जाने के बाद भी सभी एटीएम शुरू नहीं हो पाए हैं। आर्य नगर चौक स्थित एचडीएफसी, आईसीसीआईसी और एक्सिस बैंक के एटीएम बंद हैं।
अंबेडकर रोड और नेहरू नगर स्थित पीएनबी के एटीएम में बीती पांच नवंबर से कैश ही नहीं डाला गया। मालीवाड़ा स्थित धनलक्ष्मी बैंक, एचडीएफसी व आईसीआईसीआई बैंक के एटीएम के शटर डाउन हैं। आरडीसी में एचडीएफसी, करुर वैश्य बैंक, के एटीएम ही चल रहे हैं।
अंबेडकर रोड स्थित एचडीएफीसी बैंक के दोनों एटीएम बंद है। यहां सिर्फ एक्सिस बैंक और देना बैंक के एटीएम से ही कैश निकल रहा है। दूसरी ओर जिन एटीएम से कैश मिल रहा है, उनमें से ज्यादातर में पांच सौ के नोट नहीं है। बहुत ही कम एटीएम है, जिनमें पांच सौ का नोट है। ऐसे में सभी एटीएम से 4500 रुपये की निर्धारित राशि नहीं निकल पा रही है।