माई सिटी रिपोर्टर
गाजियाबाद। अधिवक्ता सुरेश त्यागी का निधन होने पर सोमवार को कचहरी में शोक मनाया गया। सभी मुकदमों में तारीख लगा दी गई। दोनों बार के पदाधिकारियों ने शोक प्रस्ताव पास कर न्यायिक कार्य नहीं किया। अदालत में जाने वाले सभी मुख्य द्वार बंद कर गवाह और वादकारियों को अंदर नहीं जाने दिया गया। वादकारी बिना तारीख लिए ही लौट गए।
कचहरी में वकालत करने वाले अधिवक्ता सुरेश त्यागी की शनिवार को हृदयाघात से निधन हो गया था। इस बात की सूचना मिलने पर बार एसोसिएशन गाजियाबाद और जिला बार एसोसिएशन गाजियाबाद ने शोक प्रस्ताव पारित कर वकीलों के कार्य करने से असमर्थ रहने का प्रस्ताव पारित किया। इस वजह से वकील अदालत में उपस्थित नहीं हुए। साथ ही वकीलों ने कोर्ट के मुख्य गेट बंद कर दिया। गवाह और वादकारी अदालत में नहीं पहुंच पाए। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कार्यदिवस में शोकसभा और हड़ताल करने पर रोक लगा दिया है लेकिन, वकीलों ने शोक सभा का प्रस्ताव कर कार्य करने में असमर्थ रहने का प्रस्ताव पारित किया।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि कचहरी वकीलों का परिवार है। परिवार के किसी भी सदस्य के साथ अप्रिय घटना घटित होने पर उसमें शामिल होना उनका नैतिक कर्तव्य है। वहीं, जिला बार एसोसिएशन गाजियाबाद के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा (सीकरी कला ) ने कहा कि किसी भी संगठन के सदस्य के साथ अगर कोई घटना घटित होती है तो वह उसमें शामिल होते हैं। इसी तरह से वकील भी अपने साथी के साथ अप्रिय घटना घटित होने पर उसके दुख में शामिल होते हैं। यह वकीलों का नैतिक कर्तव्य भी है। इस कारण से अदालत में उपस्थित नहीं हो पाते हैं।