जीटी रोड स्थित पेट्रोल पंप पर बिना हेलमेट लगाए चालक की बाइक में पेट्रोल भरती कर्मी। संवाद
गाजियाबाद। कमिश्नरेट में नो हेलमेट-नो फ्यूल अभियान शुरू हो गया है। प्रशासन की सख्ती के बाद प्रत्येक पेट्रोल पंप पर नो हेलमेट-नो फ्यूल के नोटिस बोर्ड चस्पा तो कर दिए गए हैं, लेकिन नियम का पालन सख्ती से नहीं किया जा रहा है। हाईवे स्थित पेट्रोल पंप पर अभियान का सख्ती से पालन किया जा रहा है। देहात क्षेत्र में अभियान को लेकर कोई सख्ती नहीं है। शासन के आदेश के बाद फिर से अधिकारी इस नियम को लेकर सख्त हैं।
आदेश के अनुसार बगैर हेलमेट किसी भी पेट्रोल पंप पर दोपहिया वाहन में पेट्रोल भरवाने गए तो नहीं मिलेगा। यदि किसी पंप के सेल्समैन ने पेट्रोल दे भी दिया और वह सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया तो जिला पूर्ति अधिकारी पेट्रोलियम कंपनियों के क्षेत्रीय अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे। सड़क हादसों में दुपहिया वाहन चालकों की मौत का ग्राफ दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। इनमें 80 प्रतिशत युवा बगैर हेलमेट के जान गवां रहे हैं। हेलमेट को लेकर एक जून 2019 को केंद्र सरकार ने एनसीआर क्षेत्र के आसपास के जनपदों में नियम लागू किया था कि यदि कोई बिना हेलमेट के पंपों पर पेट्रोल लेने के लिए आता है तो उसे फ्यूल नहीं दिया जाएगा। इसके बाद पूरे उत्तर प्रदेश में भी इस नियम को लागू कर दिया था। कुछ विसंगतियों के चलते इस नियम को सख्ती से लागू नहीं किया जा सका था। अब शासन के आदेश के बाद फिर से अधिकारी इस नियम को लेकर सख्त हुए हैं।
सख्ती के बाद प्रत्येक पेट्रोल पंप पर नो हेलमेट-नो फ्यूल के नोटिस बोर्ड चस्पा तो कर दिए गए हैं, लेकिन नियम का पालन सख्ती से नहीं किया जा रहा है। हाईवे स्थित पेट्रोल पंप पर अभियान का सख्ती से पालन किया जा रहा है। जबकि देहात क्षेत्र में अभियान को लेकर कोई सख्ती नहीं है।