नोटबंदी और निर्वाचन आयोग की सख्ती का असर इस बार प्रचार पर भी दिख रहा है। खर्चीले होर्डिंग की बजाय इस बार ज्यादातर प्रत्याशी रिकार्डिंग कॉल के सहारे मतदाताओं को रिझा रहे हैं। इसके अलावा ट्वीटर, फेसबुक और व्हाट्स एप के माध्यम से भी प्रचार जोरों पर है।
यूपी की सबसे बड़ी विधानसभा सीट साहिबाबाद पर सपा-कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी अमरपाल शर्मा की रिकॉर्डिंग कॉल मतदाताओं के पास पहुंचने लगी है। ऐसे में अब इसी सीट से चुनाव लड़ रहे भाजपा प्रत्याशी सुनील शर्मा के समर्थक भी सक्रिय होने लगे हैं। आगामी एक-दो दिन से सुनील शर्मा की रिकॉर्डिंग कॉल भी मतदाताओं को सुनाई दे सकती है।
शहरी विधानसभा से भाजपा प्रत्याशी अतुल गर्ग ने तो सोशल साइट्स फेसबुक, ट्वीटर और व्हाट्स एप पर प्रचार का जिम्मा टेकिभनकल कैंपेन टीम को दे रखा है। उधर, शहरी सीट से ही बसपा के सुरेश बंसल की भी आईटी टीम ने सोशल साइट्स प्रचार संभाल रखा है। मुरादनगर से भाजपा के प्रत्याशी अजितपाल त्यागी भी इसी प्रकार के प्रचार से जुड़ गए हैं।
उनकी आईटी एक्सपर्ट टीम ने सोशल साइट्स के प्रचार का जिम्मा उठाया हुआ है।दूसरी ओर कुछ प्रत्याशी ऐसे भी हैं, जिन्हें डोर-टू-डोर प्रचार पर ही भरोसा है। ऐसे प्रत्याशियों में साहिबाबाद से बसपा प्रत्याशी जलालुद्दीन, गाजियाबाद शहर सीट से रालोद प्रत्याशी सुल्तान सिंह खारी घर-घर जाकर वोट मांग रहे हैं।
लोनी से भाजपा के नंदकिशोर गुर्जर, सपा-कांग्रेस गठबंधन के राशिद अली, बसपा के जाकिर अली और रालोद के मदन भैया भी सोशल साइट्स से ज्यादा जनसंपर्क के माध्यम से ही अपने प्रचार में जुटे हैं।
मोदीनगर से भाजपा प्रत्याशी डा. मंजू सिवाच, बसपा के वहाब चौधरी, सपा-कांग्रेस गठबंधन के रामआसरे शर्मा और रालोद प्रत्याशी सुदेश शर्मा भी जनसंपर्क से ही प्रचार कर रहे हैं। हालांकि होर्डिंग, पोस्टर, बैनर और बिल्लों से यह सभी प्रत्याशी परहेज किए हुए हैं।