नार्दन इंडिया टेक्सटाइल रिसर्च एसोसिएशन (निट्रा) ने भुट्ठे के छिलके से बच्चों के लिए शानदार और आरामदायक ड्रेस तैयार की है। ड्रेस की खासियत है कि यह गर्मियों में पसीना सोखेगी और यह जल्दी फटेगी भी नहीं। निट्रा के विशेषज्ञों ने ड्रेस को तैयार कर लिया है। जल्द ही इसे मार्केट में उतारा जाएगा।
अमूमन भुट्ठे को खाने के बाद हम उसे फेंक देते हैं, लेकिन क्या आपको मालूम है कि भुटठे के छिलके से भी कपड़ा बनाया जा सकता है। निट्रा के ज्वाइंट डायरेक्टर डा. एमएस परमार ने बताया कि भुट्ठे के छिलके निकालने के बाद इसे एक प्रोसेस द्वारा गलाया जाता है। छिलकों में अच्छी क्वालिटी का फाइबर होता है, जिसकी सहायता से धागा तैयार किया जाता है।
छिलकों से बनने वाले धागे में पालिस्टर मिलाया जाता है। ताकि इसमें मजबूती आ सके। केमिकल प्रोसेस में एक रेशियो के तहत दोनों धागे मिलाकर मनचाही ड्रेस तैयार की जाती है। उन्होंने बताया कि भारत में काफी मात्रा में भुट्ठा पैदा किया जाता है।
यदि किसानों को जागरूक किया जाए तो फसल के बाद इसके छिलके का प्रयोग करके भी किसान मुनाफा कमा सकते हैं। साथ ही सस्ते कपड़े की जरूरत को भी पूरा किया जा सकता है।