संत निरंकारी बाबा हरदेव सिंह की मृत्यु की खबर सुनते ही गाजियाबाद में उनके अनुयायियों में शोक की लहर दौड़ गई। उनकी मौत की पुष्टि संत निरंकारी मंडल दिल्ली हेड क्वार्टर से दोपहर ढाई बजे की गई।
इसके साथ ही अनुयायियों से यह भी अपील की गई कि वे सीधे दिल्ली हेड क्वार्टर न पहुंचें और इस मुसीबत के समय धैर्य धारण किए रहें। ऐसे में प्रत्येक शहर में स्थित आश्रम में स्थानीय अनुयायियों ने शाम पांच बजे शोक सभा आयोजित की।
अनुयायियों ने बाबा के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया। गाजियाबाद में निरंकारी मंडल के संयोजक सतीश गांधी ने कहा कि उनका सरपरस्त चला गया। इससे बड़ी संख्या में लोगों को तकलीफ पहुंची है। फिलहाल इस माहौल में एक दूसरे को सांत्वना देने और दुआ करने के अलावा और कुछ नहीं बचा है।
सेवादल के संचालक हरनेठ सिंह ने बताया कि गाजियाबाद में बाबा के दो आश्रम हैं। इनमें से एक बोंझा और दूसरा आश्रम मेरठ रोड पर है। उन्होंने कहा कि वह लोग ताउम्र बाबा के दिखाए रास्ते पर चलेंगे और अपने साथ और लोगों को जोड़ेंगे।
केवल प्रकाश ने कहा कि यह दुख की घड़ी है, बाबा ही हमें सहनशक्ति देंगे। कस्तूरी लाल ने कहा कि वो लोग कठिन घड़ी से गुजर रहे हैं। बाबा को सच्ची श्रद्धांजलि उनके दिखाए सत्य मार्ग पर चलकर ही दी जा सकती है।
दिसंबर में बाबा ने किया था सत्संग
मीडिया प्रभारी सुखजिंदर संधु ने बताया कि बाबा पिछले बीस वर्षों से लगातार प्रत्येक वर्ष गाजियाबाद सत्संग करने आते थे। दिसंबर 2015 में बाबा का सत्संग मेरठ रोड वाले आश्रम में ही किया गया था।
बाबा जब भी सत्संग में आते लोगों को मानवता की राह पर चलने को ही प्रेरित करते। वे हमेशा कहते थे कि तमाम मुश्किलों के बावजूद नेक रास्ते पर चलने वाले लोगों की जीत होती है।
हर वर्ष लगता है ब्लड डोनेशन कैंप
बाबा की प्रेरणा से ही गाजियाबाद में हर वर्ष निरंकारी सत्संग मंडल द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित किया जाता है। पिछले बस सालों से यह शिविर लग रहा है और प्रत्येक शिविर में करीब तीन सौ से साढ़े तीन सौ यूनिट ब्लड एकत्रित हो जाता था।