साहिबाबाद। गर्मी शुरू होते ही टीएचए में पानी का संकट विकराल हो गया है। एक सप्ताह से टीएचए के करीब ढाई लाख लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। पानी की समस्या न केवल कॉलोनी बल्कि बहुमंजिला इमारत वाली सोसायटियों में भी है। कहीं कम दबाव से पानी की आपूर्ति, कहीं रिसाव होने से सीवर का गंदा पानी, कहीं ट्यूबवेल खराब होने से लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। इसमें रिहायसी इलाकों में इंदिरापुरम सहित वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी, शालीमार गार्डन, राजेंद्रनगर, अर्थला सहित टीएचए के अन्य इलाके शामिल हैं।
तीन दिन से 10 हजार से अधिक लोगों को नहीं मिल रहा पानी
टीलामोड़ स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलोनी में तीन दिन से ट्यूबवेल खराब होने की वजह से 10 हजार से अधिक लोगों को पानी नहीं मिल रहा। शनिवार को भी लोगों को पानी नहीं मिला। जीडीए से शिकायत करने के बाद दोपहर करीब दो बजे एक टैंकर पानी भेजा गया। इससे कुछ ही लोगों को पानी मिल सका। बाकी के लोग बाजार से बोतलबंद पानी खरीद कर लाए। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष सतीश ने बताया कि तीन ब्लॉक में रहने वाले 10 हजार लोगों पर एक ट्यूबवेल है। जीडीए से कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। वहीं, जीडीए के सुपरवाइजर बृजेश का कहना है कि ट्यूबवेल को ठीक कर दिया गया है। रविवार को साफ पानी की आपूर्ति होने की उम्मीद है।
शालीमार गार्डन में लोगों को मिल रहा गंदा पानी
शालीमार गार्डन में गंदे पानी की आपूर्ति का सिलसिला रुक नहीं रहा है। यहां की करीब 50 हजार की आबादी गंदा और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं। करीब एक सप्ताह से शालीमार गार्डन के विक्रम एंक्लेव, स्वामी विवेकानंद, शालीमार गार्डन मेन, जनकपुरी, 80 फुटा रोड, सहित अन्य इलाकों में गंदे पानी की आपूर्ति हो रही है। विक्रम एंक्लेव सोसायटी निवासी रत्नेश ने बताया कि आसपास के इलाकों में पिछले एक माह से गंदे पानी की समस्या बनी हुई है बीच-बीच में ठीक हो जाता है, लेकिन फिर गंदा पानी ही मिलता है। एक सप्ताह से निरंतर गंदे पानी की ही आपूर्ति हो रही है। जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करने के बाद 5 मई तक पेयजल आपूर्ति को ठीक करने का आश्वासन दिया गया है।
55 लाख खर्च करने के बाद नहीं मिल रहा साफ पानी
लोनी-भोपुरा रोड स्थित कोयल एंक्लेव सोसायटी के 55 लाख रुपये खर्च होने के बावजूद भी लोगों को साफ पानी नहीं मिल रहा। सोसायटी निवासी सुनील कुमार ने बताया कि जीडीए की कोयल एंक्लेव में के-9, के-10 और के-11 सोसायटी हैं। जिसमें कुल 504 फ्लैट हैं। सोसायटी में कुल 500 परिवार रहते हैं। उन्होंने बताया कि जीडीए की ओर से सोसायटी में 55 लाख रुपये का सीडब्ल्यूआर बनाया गया है। मगर वह करीब आठ साल से चालू नहीं हो सका। लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है।
इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली के लोग भी साफ पानी न मिलने से हैं परेशान
दूषित पानी की समस्या से इंदिरापुरम, वसुंधरा और वैशाली की आबादी भी अछूती नहीं है। इंदिरापुरम के न्यायखंड, अभयखंंड, ज्ञानखंड, नीतिखंड, वैशाली सेक्टर-दो, तीन, चार और वसुंधरा सेक्टर-दो सहित सेक्टर में गंदे पानी की आपूर्ति से लोग परेशान हैं। वसुंधरा सेक्टर-दो निवासी विनीता शर्मा ने बताया कि पिछले तीन दिन से घरों में गंदा पानी आ रहा है। इससे बेटे को पेट दर्द शुरू हो गया था। डॉक्टर को दिखाया तो उन्होंने पानी की समस्या बताई। वहीं वैशाली में भी लाइन लीकेज की वजह से लोगों को दो दिन से गंदा पानी मिल रहा है।
साल भर में 77 दिन नहीं मिला गंगाजल
टीएचए के इंदिरापुरम, वसुंधरा, वैशाली, कौशांबी और डेल्टा कॉलोनी में सिद्धार्थ विहार और प्रताप विहार स्थित गंगाजल प्लांट से गंगाजल की आपूर्ति होती है। मगर एक साल में 77 दिन लोगों को गंगाजल नहीं मिला। अप्रैल में गंगाजल बंद होने के बाद तो जीडीए अधिकारी ने लोगों को स्पष्ट तौर पर कह दिया कि वह पानी नहीं दे पाएंगे। दशहरा पर नहर की सफाई पर 30 दिन के लिए गंगाजल बंद किया गया, दिसंबर में पानी में कचरा आ जाने पर 5 दिन के लिए गंगाजल बंद किया गया। मार्च में सीआईएसएफ रोड पर लाइन लीकेज ठीक करने के दौरान 10 दिन तक लोगों को पानी नहीं मिला। अप्रैल में छिजारसी कट पर लाइन लीकेज ठीक करने पर 7 दिन के लिए पानी बंद कर दिया गया। नहर में पानी कम होने पर अप्रैल में ही एक दिन के लिए गंगाजल लोगों को नहीं मिला था। इसी तरह दशहरा से पूर्व भी कई बार 10 से 12 दिनों के लिए गंगाजल बंद किया गया था। इस दौरान लोगों को पानी का संकट हुआ। -