प्रॉपर्टी डीलर धीरज चौधरी (35) हत्याकांड में नेशनल तैराक सायरा के पिता जयदीप सिरोही समेत चार लोगों को नामजद किया गया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। एफआईआर में वारदात की वजह 2.85 करोड़ रुपये लेनदेन का विवाद लिखा है।
धीरज के चाचा सुंदर सिंह ने रिपोर्ट में लिखाया है कि उनके भाई जगवीर और भतीजे धीरज को मुआवजे का पैसा मिला था, जिससे दोनों प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते थे। इनकी जयदीप सिरोही निवासी गोविंदपुरम, नरेश निवासी महरौली, बीकर निवासी अवंतिका और बबल से जान पहचान हो गई थी।
जगवीर ने 1.35 करोड़ रुपये बीकर और धीरज ने 1.5 करोड़ रुपये नरेश को प्रॉपर्टी के काम में लगाने को दिए थे। जगवीर और धीरज इन चारों से अपना पैसा मांग रहे थे, लेकिन यह लोग दे नहीं रहे थे।
इसे लेकर कई बार विवाद हुआ और पंचायत भी बैठी, मगर आरोपियों ने पैसे नहीं लौटाए। रविवार रात करीब नौ बजे जगवीर और धीरज सदरपुर के पास फार्म हाउस में बने प्रॉपर्टी डीलिंग के ऑफिस में बैठे थे, जबकि वह (सुंदर) और दो अन्य कुछ दूरी पर बैठे थे।
तभी चारों आरोपी तमंचे और पिस्टल लेकर आए और यह कहते अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं कि आज तेरे रुपये दे ही देते हैं। गोलियां लगने से जगवीर और धीरज घायल हो गए। हमलावर भाग गए।
वह लोगों की मदद से उन्हें सर्वोदय अस्पताल ले गए, जहां धीरज की मौत हो गई, जगवीर का उपचार चल रहा है। ऑफिस केसामने रोशनी थी, जिसमें उन्होंने हमलावरों को पहचाना।
एसएचओ कविनगर अशोक सिसौदिया ने बताया कि जयदीप नेशनल तैराक सायरा सिरोही का पिता है, जिसने 24 जनवरी की रात आत्महत्या कर ली थी। जयदीप यूपी पुलिस में हेड कांस्टेबल थे, तीन साल पहले उन्होंने वीआरएस ले लिया था। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कुछ भी साफ नजर नहीं आ रहा है।
कई बिंदुओं पर जांच चल रही है। दूसरी तरफ, आरोपी खुद को बेकुसूर बता रहे हैं, उनका कहना है कि पिछले सालभर से उनका धीरज से कोई लेनदेन नहीं था। बता दें कि धीरज ने मोबाइल से एक वीडियो बना रखी थी, जिसे परिजनों ने पुलिस को दिया है। वीडियो में धीरज कह रहा है कि अगर उसकी हत्या हुई तो यह चारों (नामजद आरोपी) उसके लिए जिम्मेदार होंगे।
चार माह पहले जेल से छूटा था धीरज
एसएचओ ने बताया कि धीरज को बुलंदशहर की सिकंदराबाद पुलिस ने जानलेवा हमले के आरोप में पकड़ा था। इसके अलावा उसे फिरोजाबाद पुलिस ने चेक बाउंस मामले में गिरफ्तार किया था, जिसमें वह फरवरी माह ही जेल से छूटा था।
दूसरी तरफ, भारी पुलिस बल की मौजूदगी में सोमवार शाम धीरज का सदरपुर केश्मशान घाट में अंतिम संस्कार कर दिया गया। उसके परिवार में कोहराम मचा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।