शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी। ऑनलाइन टिकट खरीदकर वह इसके पहले यात्री भी बने थे। शनिवार को ही ट्रेन को आम लोगों के लिए शुरू किया गया। दुहाई-साहिबाबाद के 17 किमी. के ट्रैक पर 10 ट्रेनें चलाई गईं। इनका संचालन सुबह छह से रात 11 बजे तक किया जाएगा। सफर के लिए दिन निकलते ही स्टेशन पर यात्री पहुंच गए।
कोई सेल्फी ले रहा था तो कोई ट्रेन के फोटो खींच रहा था। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र क्षेत्र परिवहन निगम की ओर से यात्रियों का स्वागत फूल देकर किया गया। पांचों स्टेशन साहिबाबाद, गाजियाबाद, गुलधर, दुहाई और दुहाई डिपो पर सबसे पहले पहुंचे यात्रियों को प्रमाण पत्र भी दिए गए। यात्रियों ने कहा कि तेज रफ्तार के साथ आरामदायक सफर का अनुभव शानदार रहा। एनसीआरटीसी के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पुनीत वत्स ने बताया कि पहले दिन करीब 10 हजार यात्रियों ने नमो भारत ट्रेन में सफर किया। आने वाले दिनों में यात्रियों की संख्या और बढ़ सकती है, लोगों में इस ट्रेन के प्रति जबरदस्त उत्साह है।
सुबह सफर करना था रात में रिश्तेदारी में रुके
मुजफ्फरनगर से अपने परिवार के साथ आई प्रतिमा सिंह ने बताया कि पहली रैपिड रेल के संचालन का पता चला। उन्होंने बताया कि दिल्ली में उनके चाचा रहते हैं जहां वह अपने पति और ससुर के साथ शुक्रवार को ही आ गईं थीं। शनिवार सुबह पांच बजे कैब से साहिबाबाद रैपिड स्टेशन पहुंचकर पहली रैपिड रेल में साहिबाबाद से दुहाई डिपो तक का टिकट लिया।
मेरठ के अंकित भी एक दिन पूर्व ही गाजियाबाद में बुआ के यहां आ गए थे। अंकित ने बताया कि दुहाई पहुंचने में जाम, धूल का सामना करना पड़ता था, अब राहत मिलेगी। इसी तरह दिल्ली और बुलंदशहर के कई लोग केवल रैपिड में पहली बार बैठने के शौक को पूरा करने के उद्देश्य से सुबह पांच बजे ही साहिबाबाद रैपिड स्टेशन पहुंच गए थे।
रिकॉर्डधारी अनिल भी पहुंचे सबसे पहले सफर के लिए
रैपिडएक्स नमो भारत में सबसे पहले सफर करने के लिए पहुंचे लोगों में एक खास शख्स भी शामिल रहा। ये हैं दिल्ली के वसंतकुंज निवासी अनिल मारवाह, जिनके नाम दिल्ली की सभी मेट्रो लाइन पर शुभारंभ के दिन ही सफर करने का अनोखा रिकॉर्ड है।
दिल्ली मेट्रो में सफर 2002 में शुरू हुआ था। तब से ही अनिल कोई मौका नहीं चूक रहे हैं। अब तक 39 रूट पर मेट्रो चली है। उनके पास 38 पर पहले दिन सफर करने का अनुभव है। इसके लिए 2019 में उनका नाम लिम्का बुक आफ रिकॉर्ड में दर्ज हो चुका है। वह पहले दिन ही कार्ड बनवा लेते हैं। उनके पास 39 नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) हैं।
ट्रेवल एजेंसी में काम करने वाले अनिल शनिवार सुबह साहिबाबाद स्टेशन पहुंचे। पहली रैपिडएक्स ट्रेन का टिकट लिया और दुहाई डिपो तक गए। उन्होंने बताया कि 25 दिसंबर 2002 को शाहदरा से 30 हजारी के लिए पहली मेट्रो चली थी। तब से ही उनका पहले दिन सफर करने का सिलसिला शुरू हुआ। वह मेट्रो की वर्षगांठ पर भी सफर करते हैं।
सिर्फ एक बार ऐसा हुआ जब किसी लाइन पर मेट्रो चली और वह पहले दिन सफर नहीं कर सके। यह 2019 में नोएडा सेक्टर-51 से मेट्रो शुरू होने का था। उस वक्त वह किसी काम से बंगलूरू में थे। उनके बेटे अक्षित और बहू अंकिता ने सफर किया था। उन्होंने बताया कि नमो भारत में सफर का अनुभव शानदार रहा। तेज रफ्तार के साथ आरामदायक सफर में मजा आ गया।