गाजियाबाद। साहिबाबाद से मेरठ तक के सफर को नई रफ्तार मिलने जा रही है। रैपिड रेल नमो भारत से यह सफर सिर्फ 30 मिनट में ही पूरा हो जाएगा। मोदीनगर से मेरठ जाने में तो सिर्फ पांच ही मिनट लगेंगे। रैपिड रेल की यह नई डगर रीयल एस्टेट के कारोबार को भी नई रफ्तार दे सकती है। गाजियाबाद से मोदीनगर और मेरठ तक जल्द ही कई प्रोजेक्ट आ सकते हैं। जीडीए पहले से ही नया शहर रैपिड रेल के स्टेशन के आसपास ही बसाने की तैयारी कर चुका है।
एनसीआरटीसी के प्रवक्ता राजीव कुमार ने बताया कि अभी रैपिड रेल 38 किलोमीटर के काॅरीडोर पर दौड़ रही है। यह साहिबाबाद से मोदीनगर तक का है। इस सफर को पूरा करने में 25 मिनट का समय लगता है।अभी मोदीनगर से साहिबाबाद तक छह कोच की नमो भारत ट्रेन हर पंद्रह मिनट में दौड़ रही है।
मेरठ तक भी हर 15 मिनट में ट्रेन मिलेगी। मोदीनगर से मेरठ साउथ स्टेशन तक की दूरी आठ किलोमीटर है। इसे पूरा करने में पांच मिनट और लगेंगी। मेरठ, साहिबाबाद, गाजियाबाद, मुरादनगर और मोदीनगर के दस लाख से ज्यादा लोगों को इसका फायदा मिलेगा। इनमें बड़ी संख्या उन छात्रों की भी है जो विश्वविद्यालय में अपने काम के लिए गाजियाबाद से मेरठ जाते हैं।
शॉपिंग, खान-पान और बैंकिंग की मिलेगी सुविधा
मेरठ साउथ मेरठ का पहला स्टेशन होगा जहां रैपिड रेल व मेट्रो दोनों की सेवा मिलेंगी। रैपिड के लिए दो ट्रैक व मेट्रो के लिए एक ट्रैक बनाया गया है। तीन ट्रैक और तीन ही प्लेटफार्म हैं। इसमें ग्राउंड, मैजनीन, कॉनकोर्स और प्लेटफार्म कुल तीन लेवल हैं। इस स्टेशन कीलंबाई करीब 215 मीटर और चौड़ाई 36 मीटर व ऊंचाई 22 मीटर है। 13 हजार वर्ग मीटर में दो पार्किंग बनाई गई हैं। इनमें 1200 चौपहिया व दुपहिया वाहन खड़ा कर सकेंगे।