पिछले दिनों उद्यमियों की ओर से पेयजल सप्लाई को लेकर कई शिकायतें आई थीं। सर्वे में पता चला कि कई स्थानों पर पेयजल लाइनें टूटी हैं और कई जगह कनेक्शन ही नहीं किए गए हैं। यह मुद्दा उद्योग बंधुओं की बैठक में डीएम के समक्ष भी उठा। यूपीसीडा अधिकारियों का कहना है कि हैंडओवर के बाद पेयजल सप्लाई दुरुस्त करने में लंबा समय और धन खर्च होगा। इसी वजह से हैंडओवर लेने से इन्कार किया गया है।
1.29 लाख महीना देगा यूपीसीडा
नगर निगम से पेयजल सप्लाई के खर्च का प्रस्ताव मांगा गया था। नगर निगम ने करीब 1 लाख 29 हजार रुपये प्रति माह का शुल्क बताया है। कविनगर और एसएसजीटी रोड औद्योगिक क्षेत्र के लिए 1 लाख 28 हजार 500 रुपये महीने का प्रस्ताव भेजा गया है। इसे संस्तुति के लिए कानपुर मुख्यालय भेजा गया है। उद्योगों को अब नगर निगम के माध्यम से ही पेयजल मिलता रहेगा, लेकिन इसका भुगतान यूपीसीडा करेगा।